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भारत-न्यूजीलैंड FTA पर कल होगा हस्ताक्षर- व्यापार, नौकरी और निवेश के नए मौके खुलेंगे

भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। इससे व्यापार 5 अरब डॉलर तक बढ़ेगा, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। भारतीय युवाओं को वीजा और काम के मौके मिलेंगे, जबकि कृषि और डेयरी सेक्टर को तकनीकी सहयोग मिलेगा।

 
भारत-न्यूजीलैंड FTA
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India New Zealand FTA: भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सोमवार को औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह समझौता Bharat Mandapam में आयोजित कार्यक्रम में संपन्न होगा, जहां दोनों देशों के शीर्ष मंत्री मौजूद रहेंगे।

दोनों देशों के मंत्री करेंगे हस्ताक्षर

इस अहम समझौते पर Piyush Goyal और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री Todd McClay हस्ताक्षर करेंगे। दोनों देशों ने पहले ही दिसंबर में इस समझौते को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद अब इसे औपचारिक रूप दिया जा रहा है।

5 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है व्यापार

इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है। वर्तमान में जहां व्यापार करीब 2.5 अरब डॉलर का है, वहीं अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा न्यूजीलैंड भारत में करीब 20 अरब डॉलर के निवेश की योजना भी बना रहा है।

भारतीय युवाओं के लिए नौकरी और वीजा के अवसर

FTA के तहत भारतीय युवाओं और प्रोफेशनल्स को न्यूजीलैंड में काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। हर साल हजारों भारतीयों को विभिन्न सेक्टर में रोजगार के लिए वीजा दिया जाएगा। साथ ही, छात्र पढ़ाई के दौरान सप्ताह में 20 घंटे काम कर सकेंगे और पढ़ाई पूरी करने के बाद 2-3 साल का वर्क वीजा भी मिलेगा।

प्रोफेशनल्स और स्किल्ड वर्कर्स को खास फायदा

आईटी, हेल्थ, शिक्षा, निर्माण और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए विशेष कोटा तय किया गया है। इस व्यवस्था के तहत हर साल हजारों भारतीय विशेषज्ञ न्यूजीलैंड में काम कर सकेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच स्किल एक्सचेंज भी बढ़ेगा।

कृषि और डेयरी सेक्टर को मिलेगा तकनीकी सहयोग

यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव ला सकता है। न्यूजीलैंड भारत में सेब, किवी और डेयरी उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनी उन्नत तकनीक साझा करेगा। इससे किसानों की उत्पादकता बढ़ने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।