Iran-Israel तनाव के बीच भारत का बड़ा बयान, S Jaishankar बोले - ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है...
New Delhi : ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में सरकार का स्पष्ट पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां से लंबे समय से तेल और गैस की बड़ी आपूर्ति होती रही है। ऐसे में यदि आपूर्ति बाधित होती है या अनिश्चितता बढ़ती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
जयशंकर ने कहा कि मौजूदा हालात में भारत सरकार की प्राथमिकता ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि देश के नागरिकों पर इसका नकारात्मक असर कम से कम पड़े। सरकार ऊर्जा बाजार में बढ़ते जोखिमों के बावजूद तेल और गैस की उपलब्धता और उसकी लागत को संतुलित रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
शांति की अपील
विदेश मंत्री ने इस संकट के समाधान के लिए सभी पक्षों से बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि गतिरोध को खत्म करने, धैर्य बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवाद ही सबसे बेहतर रास्ता है।
भू-राजनीतिक तनाव गंभीर
जयशंकर ने बताया कि भारत ने पहले भी इस मुद्दे पर चिंता जताई थी। 20 फरवरी को भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात पहले से ज्यादा गंभीर हो गए हैं और इस संघर्ष का असर आसपास के देशों पर भी पड़ रहा है। विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में नियम 176 के तहत ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है।
