INS अग्रय, संशोधक और दूनागिरी की एंट्री, PM मोदी ने नौसेना को सौंपे 3 घातक युद्धपोत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में INS अग्रय, INS संशोधक और INS दूनागिरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया। तीनों स्वदेशी युद्धपोतों के शामिल होने से नौसेना की समुद्री सुरक्षा, एंटी-सबमरीन क्षमता और ऑपरेशनल ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है।
INS Agray-INS Sanshodhak-INS Dunagiri: भारत की समुद्री सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को नई मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में तीन स्वदेशी नौसैनिक प्लेटफॉर्म—INS अग्रय, INS संशोधक और INS दूनागिरी—को भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया। इन तीनों प्लेटफॉर्म के शामिल होने के साथ भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता, समुद्री निगरानी और युद्धक ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है।
कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित इन युद्धपोतों को आत्मनिर्भर भारत अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। समारोह में भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Prime Minister Narendra Modi commissions three indigenously designed and built naval ships - INS Dunagiri, an advanced stealth frigate, INS Sanshodhak, a survey vessel (large) and INS Agray, an anti-submarine warfare shallow water craft.
— ANI (@ANI) June 21, 2026
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नौसेना प्रमुख ने बताया ऐतिहासिक क्षण
इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा कि एक साथ तीन नौसैनिक प्लेटफॉर्म की कमीशनिंग भारतीय रक्षा निर्माण क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने GRSE, उद्योग भागीदारों, MSME इकाइयों और नौसेना की विभिन्न तकनीकी टीमों को इस सफलता के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि मुंबई में पहली ट्राई-कमीशनिंग के 17 महीने बाद कोलकाता में हुई यह दूसरी ट्राई-कमीशनिंग भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता, आधुनिकता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
INS संशोधक: समुद्र की हर जानकारी जुटाने में सक्षम
INS संशोधक एक अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक सर्वे वेसल है। इसका मुख्य कार्य समुद्र तल का सर्वेक्षण, सुरक्षित नौवहन मार्गों की पहचान और समुद्री आंकड़े जुटाना है।
यह जहाज आवश्यकता पड़ने पर मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान फ्लोटिंग मेडिकल सपोर्ट प्लेटफॉर्म के रूप में भी कार्य कर सकता है।
INS अग्रय: दुश्मन की पनडुब्बियों का काल
INS अग्रय एक एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट है, जिसे तटीय और उथले समुद्री क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है।
यह जहाज आधुनिक सोनार सिस्टम, एंटी-सबमरीन रॉकेट, टॉरपीडो और 30 मिमी नेवल गन से लैस है। इसके अलावा यह समुद्री क्षेत्र में माइन बिछाने की क्षमता भी रखता है, जिससे भारत की तटीय सुरक्षा और मजबूत होगी।
INS दूनागिरी: ब्रह्मोस से लैस आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट
INS दूनागिरी भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-17A के तहत विकसित एडवांस्ड नीलगिरी क्लास स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है।
यह युद्धपोत ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, बराक-8 एयर डिफेंस सिस्टम, टॉरपीडो और कई आधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है। इसे एयर डिफेंस, सतही युद्ध और एंटी-सबमरीन ऑपरेशन जैसे मल्टी-रोल मिशनों के लिए तैयार किया गया है।
आत्मनिर्भर भारत को मिला नया बल
तीनों युद्धपोत पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और निर्माण क्षमता का उदाहरण हैं। इनके शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा, पनडुब्बी रोधी अभियान और युद्धक संचालन क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
