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ईरान ने खोला रास्ता! होर्मुज स्ट्रेट पर आसान होगी आवाजाही, भारतीय जहाजों पर टिकी नजर

 
ईरान ने खोला रास्ता! होर्मुज स्ट्रेट पर आसान होगी आवाजाही, भारतीय जहाजों पर टिकी नजर
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New Delhi : दुनियाभर में तेल और गैस सप्लाई को लेकर बने संकट के बीच Iran की ओर से राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz पर जहाजों की आवाजाही को आसान बनाने का ऐलान किया है। इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के करीब 20 जहाज अभी भी होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने की वजह से वेस्ट एशिया में फंसे हुए हैं। इसी बीच ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संदेश भेजकर बताया है कि वह इस मार्ग को खोलने की योजना पर काम कर रहा है, हालांकि इसके साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं।

गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों को मिलेगी अनुमति

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कहा है कि जिन जहाजों को गैर-शत्रुतापूर्ण (Non-Hostile) माना जाएगा, उन्हें तय सुरक्षा प्रोटोकॉल और ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय के बाद इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि, अमेरिका और इज़राइल से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

ईरानी विदेश मंत्रालय के संदेश में यह भी कहा गया है कि उन देशों के तेल और गैस से भरे जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो किसी भी तरह से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को भेजा संदेश

ईरान ने यह संदेश रविवार, 22 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस को भेजा था। इसके बाद मंगलवार को यह जानकारी लंदन स्थित अंतर्राष्ट्रीय मैरिटाइम संगठन को भी साझा की गई, जो वैश्विक समुद्री सुरक्षा और शिपिंग व्यवस्था की निगरानी करती है। ईरान का कहना है कि उसने उन देशों के जहाजों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं, जिन्हें वह आक्रामक मानता है।

भारत के 20 जहाज चेकपॉइंट पार करने को तैयार

इस बीच भारत सरकार ने भी होर्मुज के रास्ते तेल और गैस सप्लाई को लेकर अपडेट दिया है। शिपिंग, वॉटरवेज और पोर्ट्स मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में 20 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जो चेकपॉइंट पार करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, ये जहाज भारत कब तक पहुंचेंगे, इसे लेकर अभी स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पर आवाजाही सामान्य होती है, तो इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल-गैस सप्लाई चेन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।