Jamia Millia Islamia: छात्रों के अनऑफिशियल सोशल मीडिया ग्रुप पर सख्ती, हर क्लास ग्रुप में शिक्षक को जोड़ना अनिवार्य
New Delhi : जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने छात्रों के बीच शैक्षणिक जानकारी साझा करने की व्यवस्था को लेकर अपने पुराने निर्देशों को एक बार फिर स्पष्ट किया है। यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सोशल मीडिया पर बनाए गए अनौपचारिक क्लास ग्रुप से दूरी बनाने की सलाह दी है। साथ ही हर क्लास या बैच के लिए बनाए गए आधिकारिक ग्रुप में यूनिवर्सिटी की ओर से नामित शिक्षक को शामिल करना अनिवार्य किया गया है।
यूनिवर्सिटी की ओर से सोमवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि कक्षाओं, पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी जरूरी जानकारी छात्रों तक आधिकारिक ग्रुप के माध्यम से पहुंचाई जाए।
हर क्लास के लिए बनेगा ऑफिशियल सोशल मीडिया ग्रुप
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक क्लास या बैच के लिए एक आधिकारिक सोशल मीडिया ग्रुप बनाया जाएगा। इसमें संबंधित क्लास का प्रतिनिधि एडमिन की भूमिका निभाएगा, जबकि यूनिवर्सिटी की ओर से नामित एक फैकल्टी सदस्य भी ग्रुप में मौजूद रहेगा।
शिक्षक की जिम्मेदारी ग्रुप में साझा की जा रही सामग्री पर नजर रखने की होगी। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य इन ग्रुप का इस्तेमाल मुख्य रूप से पढ़ाई, कक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए करना है।
आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने की कोशिश
जामिया के मुताबिक, छात्रों की ओर से बनाए गए कुछ अनऑफिशियल ग्रुप में शैक्षणिक चर्चा के अलावा अन्य तरह की गतिविधियां होने की शिकायतें सामने आई थीं। यूनिवर्सिटी ने कुछ मामलों में आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री साझा किए जाने की बात भी कही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक ग्रुप में नामित शिक्षक को शामिल करने की व्यवस्था की गई है, ताकि ग्रुप में साझा होने वाली सामग्री पर नजर रखी जा सके और अनुचित कंटेंट के प्रसार को रोका जा सके।
डीन और विभागाध्यक्षों को दी गई जिम्मेदारी
यूनिवर्सिटी ने सभी डीन, विभागाध्यक्षों और सेंटर डायरेक्टर्स को निर्देश दिया है कि वे अपनी-अपनी कक्षाओं और बैच के लिए आधिकारिक सोशल मीडिया ग्रुप बनवाना सुनिश्चित करें। इन ग्रुप में यूनिवर्सिटी की ओर से नामित शिक्षकों को भी जोड़ा जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को पढ़ाई, क्लासरूम और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं इन्हीं आधिकारिक माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएं।
सितंबर 2025 में भी जारी हुआ था निर्देश
जामिया ने स्पष्ट किया कि यह कोई नई नीति नहीं है। यूनिवर्सिटी ने बताया कि 15 सितंबर 2025 को भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए थे। उस समय भी छात्रों द्वारा बनाए गए अनौपचारिक सोशल मीडिया ग्रुप को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं।
यूनिवर्सिटी के अनुसार, कुछ ग्रुप का इस्तेमाल शैक्षणिक बातचीत के बजाय व्यक्तिगत मुद्दों और अन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। अब प्रशासन ने आधिकारिक ग्रुप में शिक्षक को शामिल करने की व्यवस्था को फिर से स्पष्ट करते हुए इसके पालन पर जोर दिया है।
