कुशीनगर से वाराणसी तक बनेगा नया हाईवे कॉरिडोर, दो घंटे से कम में होगा सफर
कुशीनगर से वाराणसी तक 220 किमी लंबा नया हाईवे कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है, जिस पर 342 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह मार्ग देवरिया, दोहरीघाट और गाजीपुर से होकर जाएगा। कॉरिडोर से यात्रा समय घटेगा, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
Kushinagar Varanasi Corridor: कुशीनगर से वाराणसी तक एक नए हाईवे कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार की ओर से तैयार किया गया है। लगभग 220 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 342 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह नया मार्ग कुशीनगर से देवरिया, दोहरीघाट, गाजीपुर और जमानिया होते हुए वाराणसी तक जाएगा, जिससे पूर्वांचल के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रस्तावित कॉरिडोर में कुशीनगर से देवरिया तक 35 किमी, देवरिया से दोहरीघाट तक 22 किमी, दोहरीघाट से गाजीपुर तक 83 किमी और गाजीपुर से वाराणसी तक 80 किमी का मार्ग शामिल है। दोहरीघाट से गाजीपुर तक पहले से बने फोरलेन मार्ग को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, जहां स्टेपलिंग, ग्राउटिंग और ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य तेज कर दिया गया है।
इस कॉरिडोर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है, जिससे बिहार और प्रयागराज की ओर आवागमन और भी सुगम हो सकेगा। वर्तमान में फोरलेन मार्ग के चलते वाराणसी से जिले की दूरी लगभग डेढ़ घंटे में तय हो रही है, जबकि कुशीनगर पहुंचने में तीन घंटे से अधिक समय लगता है। कॉरिडोर बनने के बाद यह दूरी दो घंटे से भी कम में पूरी की जा सकेगी।
बौद्ध तीर्थस्थल कुशीनगर और सारनाथ को जोड़ने वाला यह मार्ग पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर व्यापार, रोजगार और आवागमन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि कुछ लोगों ने इस कॉरिडोर को मोहन सेतु, मधुबन और इंदारा होते हुए वाराणसी तक बनाने की मांग की थी। इस संबंध में कैबिनेट मंत्री एके शर्मा को पत्र भी भेजा गया था। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष सिंह के अनुसार, कुशीनगर-वाराणसी कॉरिडोर राज्य सरकार का प्रस्तावित प्रोजेक्ट है और इस दिशा में आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।
