महिला आरक्षण बिल 54 वोटों से लोकसभा में खारिज, सरकार दो-तिहाई बहुमत जुटाने में नाकाम
नई दिल्ली। महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने और संसद की सीटों में बढ़ोतरी से संबंधित 131वां संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पास नहीं हो सका। जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिलने के कारण यह विधेयक खारिज हो गया।
वोटिंग के दौरान कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 298 ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। हालांकि संविधान संशोधन के लिए आवश्यक 352 वोट नहीं मिल पाए, जिसके चलते बिल गिर गया।
प्रस्तावित विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रावधान था। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव था, ताकि 2029 के चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
विपक्षी दलों के कड़े विरोध के बीच सरकार इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने में सफल नहीं हो सकी। इसके बाद सरकार ने इससे जुड़े अन्य दो विधेयकों को भी वापस ले लिया।
