गणतंत्र दिवस 2026 में चमकीं लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के: नौसेना की ‘नारी शक्ति’ बनीं देश की प्रेरणा
नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर भारतीय नौसेना की भव्य झांकी ने महिला सशक्तिकरण, समान अवसर और स्वदेशी रक्षा क्षमता का सशक्त संदेश दिया। इस झांकी का नेतृत्व करने वाली दो साहसी महिला अधिकारियों में लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के (Lt Cdr Dilna K) प्रमुख रहीं, जिनकी मौजूदगी ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया।
नौसेना की झांकी का थीम “परंपरा में लंगर, आत्मनिर्भरता और नवाचार की ओर नौकायन” रहा। इसमें स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत की प्रतिकृति, आधुनिक युद्धपोतों के मॉडल और नविका सागर परिक्रमा–II के सभी महिला दल की झलक दिखाई गई। लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए ने झांकी का नेतृत्व कर नौसेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रेरणादायक जीवन यात्रा
केरल के कोझिकोड (कलिकट) की रहने वाली दिलना के भारतीय सेना में रहे स्वर्गीय लेफ्टिनेंट डेवडासन की पुत्री हैं। मां रीजा के मार्गदर्शन और समर्थन से उन्होंने बचपन से ही साहस और अनुशासन को अपनाया। कॉमर्स में स्नातक दिलना राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज़ भी रही हैं और एनसीसी के माध्यम से सैन्य जीवन की ओर उनका रुझान मजबूत हुआ। जून 2014 में वे भारतीय नौसेना की लॉजिस्टिक्स ब्रांच में कमीशन हुईं।
नविका सागर परिक्रमा–II: ऐतिहासिक उपलब्धि
लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के की सबसे बड़ी उपलब्धि नविका सागर परिक्रमा–II रही, जिसमें उन्होंने INSV तारिणी पर सभी महिला दल के साथ दुनिया का समुद्री चक्कर लगाया। आठ महीने की इस कठिन यात्रा में 25,600 नॉटिकल माइल की दूरी तय की गई और केप हॉर्न जैसे चुनौतीपूर्ण समुद्री क्षेत्रों को पार किया गया। इस अभियान ने वैश्विक स्तर पर भारतीय नौसेना की क्षमता और लैंगिक समानता का मजबूत संदेश दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 126वें एपिसोड में इस अभियान का उल्लेख किया, जिससे दिलना के और उनकी साथी अधिकारी राष्ट्रीय प्रेरणा के रूप में उभरीं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उन्हें *शौर्य चक्र* से सम्मानित किया जाना उनकी वीरता और समर्पण की पुष्टि है।
महिला सशक्तिकरण की सशक्त प्रतीक
गणतंत्र दिवस 2026 की परेड महिलाओं को समर्पित रही। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के ने न केवल नौसेना की झांकी का नेतृत्व किया, बल्कि वे आत्मनिर्भर भारत और ‘नारी शक्ति’ की सजीव मिसाल बनकर उभरीं। उनका कहना है कि यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि देश की हर बेटी के साहस और सपनों की जीत है।
लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के आज भारतीय नौसेना में एक अनुभवी फ्रंटलाइन अधिकारी, प्रेरक रोल मॉडल और देश की उभरती शक्ति का प्रतीक हैं—जो यह साबित करती हैं कि संकल्प और साहस के आगे कोई भी चुनौती बड़ी नहीं।
