‘चवन्नी का रुपया बना दिया…’, अखिलेश यादव का पुराने गठबंधन साथियों पर तंज, BJP पर भी बरसे
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में अपने पुराने गठबंधन सहयोगियों पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपा ने गठबंधन के साथियों को सम्मान दिया और उन्हें मजबूत करने का काम किया, लेकिन कई साथी बाद में पार्टी से अलग हो गए। अखिलेश के बयान को राष्ट्रीय लोक दल और उसके अध्यक्ष जयंत चौधरी की ओर इशारा माना जा रहा है।
अखिलेश ने कहा, “कुछ गठबंधन भी ऐसे किए हम लोगों ने, जाने कहां-कहां से आ गए थे गठबंधन वाले। हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, तब भी हमें छोड़कर चले गए।” उन्होंने कहा कि अब समाजवादी पार्टी PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को साथ लेकर सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाएगी।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी की सरकार बनने पर सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी जाएगी और आरक्षण के माध्यम से बराबरी का अधिकार दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।
2022 के विधानसभा चुनाव को याद करते हुए अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनाते-बनाते रह गई थी। उन्होंने दावा किया कि अगर पार्टी को करीब साढ़े तीन लाख वोट और मिल जाते तो सत्ता का समीकरण बदल सकता था। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के प्रदर्शन को 2022 से बेहतर बताया।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति, भ्रष्टाचार और पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। साथ ही सरकार के विकास के दावों और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर भी निशाना साधा।
2022 में सपा और RLD ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था। गठबंधन में RLD को 33 सीटें मिली थीं और पार्टी ने इनमें से 8 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले RLD ने सपा से अलग होकर भाजपा के साथ गठबंधन कर लिया था।
