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ममता बनर्जी का शुभेंदु सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं- जब तक भाजपा को पीछे नहीं धकेलूंगी, चुप नहीं बैठूंगी

 
Mamata
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर राज्य की नई सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। करीब 32 मिनट के अपने वीडियो संदेश में उन्होंने जनगणना, NRC, SIR, लक्ष्मी भंडार योजना, जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई झड़प और राज्य की कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस दौरान ममता बनर्जी ने साफ कहा कि वह राजनीति से कभी संन्यास नहीं लेंगी और भाजपा के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।

ममता बनर्जी ने अपने संबोधन की शुरुआत राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दे से की। उन्होंने लक्ष्मी भंडार योजना का जिक्र करते हुए दावा किया कि मार्च तक उनकी सरकार महिलाओं के खातों में योजना की राशि भेज रही थी, लेकिन चुनाव के बाद बड़ी संख्या में लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि कई महिलाओं को अपात्र बताकर योजना के लाभ से बाहर किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में उनके पास फिलहाल सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

ममता बनर्जी ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह कभी राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के कुछ ही समय बाद भाजपा का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा को राजनीतिक रूप से पीछे नहीं धकेल देतीं, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगी।

जनगणना और NRC पर भी सवाल

फेसबुक लाइव के दौरान ममता बनर्जी ने जनगणना की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना के जरिए NRC को अप्रत्यक्ष रूप से लागू करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों से पर्याप्त चर्चा नहीं की गई। ममता ने लोगों से अपील की कि जनगणना से जुड़े फॉर्म भरते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने को लेकर पूरी सावधानी बरतें।

SIR के तहत वोटरों के नाम काटने का आरोप

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। ममता ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह इस मुद्दे को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती हैं।

जादवपुर विश्वविद्यालय की झड़प पर भी बोलीं ममता

अपने संबोधन के अंत में ममता बनर्जी ने जादवपुर विश्वविद्यालय में ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुई झड़प का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कैंपस में हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएं सुनियोजित तरीके से कराई गईं। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों के विचारों से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद वह छात्रों का सम्मान करती हैं।

ममता बनर्जी के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज होने के संकेत हैं। जनगणना, SIR, कल्याणकारी योजनाओं और विश्वविद्यालय में हुई हिंसा जैसे मुद्दों पर आने वाले दिनों में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बढ़ने की संभावना है।