ममता बनर्जी का ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला, बोलीं- 'वैनिश कुमार', BJP पर भी साधा निशाना
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की महारैली के दौरान पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को 'वैनिश कुमार' कहते हुए बच्चों की मशहूर कविता 'जॉनी जॉनी यस पापा' की तर्ज पर 'वैनिश-वैनिश यस पापा' सुनाई। ममता ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।
'SIR नहीं, BJP के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिलीफ'
ममता बनर्जी ने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे भाजपा के लिए 'स्पेशल इंटेंसिव रिलीफ' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। ममता ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया है।
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को हाईजैक किए जाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, मतदाताओं के नाम हटाने और चुनाव में गड़बड़ी को लेकर ममता के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
'जान दे देंगे, लेकिन सरेंडर नहीं करेंगे'
महारैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के साथ जो हुआ, उसके खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने भाजपा पर राज्य को लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है।
ममता ने अपने तेवर दिखाते हुए कहा कि वह अपनी जान दे सकती हैं और संघर्ष कर सकती हैं, लेकिन किसी भी कीमत पर आत्मसमर्पण नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी।
न्यायपालिका से की लोकतंत्र बचाने की अपील
ममता बनर्जी ने न्यायपालिका से लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं और कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व के प्रति भी अपना समर्थन जताया।
इस दौरान उन्होंने भाजपा के चर्चित नारे 'सबका साथ, सबका विकास' पर भी तंज कसा। ममता ने कहा कि अब लोग इस नारे को 'भाजपा का साथ, सबका सत्यानाश' कहने लगे हैं। उन्होंने राम मंदिर के लिए दिए गए धन को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए।
कुल मिलाकर, INDIA गठबंधन की इस महारैली में ममता बनर्जी ने SIR, चुनाव आयोग और भाजपा को निशाने पर लेते हुए साफ संदेश दिया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के मुद्दे पर उनका राजनीतिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
