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अमेज़न में बड़े पैमाने पर छंटनी, 16,000 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में
 

 
 अमेज़न में बड़े पैमाने पर छंटनी, 16,000 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में
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टेक दिग्गज अमेज़न में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अगले कुछ दिन बेहद तनावपूर्ण होने वाले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी इस सप्ताह करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी करने वाली है। यह छंटनी कंपनी के बड़े रीस्ट्रक्चरिंग अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत कुल 30,000 कॉर्पोरेट नौकरियां खत्म करने का लक्ष्य है। अक्टूबर 2025 में पहले ही लगभग 14,000 व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है, और अब दूसरा दौर शुरू होने वाला है।

भारत पर अधिक प्रभाव की आशंका

पिछली छंटनियों की तुलना में इस बार भारतीय टीमों पर ज्यादा असर पड़ सकता है। बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहरों में स्थित अमेज़न के प्रमुख ऑफिस इस कटौती की चपेट में आ सकते हैं। खास तौर पर Amazon Web Services (AWS), Prime Video और Retail Operations में काम करने वाली टीमों पर सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है। भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत स्थित कर्मचारी इस दौर में पहले से अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

छंटनी के पीछे मुख्य कारण

अमेज़न के CEO एंडी जेसी (Andy Jassy) ने छंटनी के पीछे दो प्रमुख वजहें बताई हैं। पहला, कंपनी में नौकरशाही (bureaucracy) को खत्म करना। कोरोना काल में तेज हायरिंग के कारण मैनेजमेंट की कई परतें बन गई थीं, जिन्हें अब कम किया जा रहा है ताकि कंपनी तेज और कुशल तरीके से काम कर सके। दूसरा, यह 2025 के अंत में शुरू हुई रीस्ट्रक्चरिंग योजना का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य कुल 30,000 कॉर्पोरेट जॉब्स कम करना है। कंपनी का फोकस AI और ऑटोमेशन पर बढ़ रहा है, लेकिन CEO ने स्पष्ट किया है कि यह मुख्य रूप से कल्चर और एफिशिएंसी से जुड़ा है, न कि केवल लागत बचत या AI से।

किन कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा असर?  
- व्हाइट-कॉलर कर्मचारी: यह छंटनी पूरी तरह कॉर्पोरेट और ऑफिस-बेस्ड (white-collar) कर्मचारियों पर केंद्रित है।  
- वेयरहाउस और डिलीवरी स्टाफ: गोदामों (Fulfillment Centers) और डिलीवरी से जुड़े कर्मचारी फिलहाल सुरक्षित हैं।  

अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण

मीडिया रिपोर्ट्स, Blind और Reddit जैसे एम्प्लॉयी फोरम्स के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों को 28 या 29 जनवरी तक लेऑफ ईमेल मिलने शुरू हो सकते हैं। अमेज़न आमतौर पर प्रभावित कर्मचारियों को 90 दिनों की पेरोल जारी रखने के साथ-साथ सेवरेंस पैकेज प्रदान करता है, ताकि वे नई नौकरी तलाश सकें।

कंपनी ने अभी तक इन रिपोर्ट्स पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन स्रोतों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। अमेज़न के कर्मचारियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, और कई लोग नई संभावनाओं की तलाश में हैं।