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वॉशिंगटन पोस्ट में बड़े पैमाने पर छंटनी, शशि थरूर के बेटे इशान थरूर की भी गई जॅाब, सोशल मीडिया पर छलका दर्द 

 
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दुनिया के प्रतिष्ठित अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट ने बुधवार को अपने इतिहास का एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया। अखबार प्रबंधन ने लागत में कटौती के तहत करीब एक-तिहाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इस फैसले के बाद न सिर्फ स्पोर्ट्स सेक्शन को पूरी तरह बंद कर दिया गया, बल्कि कई विदेशी ब्यूरो भी समेट दिए गए हैं। किताबों से जुड़ी कवरेज भी अब अखबार का हिस्सा नहीं रहेगी। मीडिया जगत में इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक माना जा रहा है।

इस बड़े फैसले की चपेट में अखबार का नई दिल्ली ब्यूरो और मिडिल ईस्ट की पूरी रिपोर्टिंग टीम भी आ गई है। भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मामलों पर लिखने वाले वरिष्ठ पत्रकार इशान थरूर को भी नौकरी से निकाल दिया गया है। इशान थरूर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे हैं और लंबे समय से वॉशिंगटन पोस्ट में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक घटनाओं पर लेखन कर रहे थे।

इशान थरूर ने सोशल मीडिया पर जताया दर्द

इशान थरूर ने सोशल मीडिया पर अपनी विदाई की पुष्टि करते हुए लिखा कि उन्हें और इंटरनेशनल टीम के कई बेहतरीन पत्रकारों को एक साथ बाहर कर दिया गया है। उन्होंने अपने न्यूज़रूम और दुनिया भर में काम कर रहे सहयोगियों के लिए दुख जताया। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने खाली न्यूज़रूम की तस्वीर साझा करते हुए इसे “बहुत बुरा दिन” करार दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2017 में WorldView कॉलम की शुरुआत करना उनके करियर के सम्मानजनक पलों में से एक था। इशान ने अपने लगभग पांच लाख पाठकों का आभार जताया, जिन्होंने सालों तक उनका लेखन पढ़ा और सराहा।

प्रबंधन का पक्ष और आलोचना

अखबार के कार्यकारी संपादक मैट मरे ने छंटनी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला बेहद दर्दनाक है, लेकिन बदलती तकनीक, डिजिटल दौर और पाठकों की आदतों में आए बदलावों के चलते यह जरूरी हो गया था। उन्होंने स्वीकार किया कि अब अखबार हर विषय और हर क्षेत्र की कवरेज करने की स्थिति में नहीं है।

हालांकि, इस फैसले की तीखी आलोचना भी हो रही है। वॉशिंगटन पोस्ट के पूर्व संपादक मार्टिन बैरन ने इसे अखबार की साख को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया। कई वरिष्ठ पत्रकारों और मीडिया विशेषज्ञों का कहना है कि इससे अखबार की वैश्विक पहचान और भरोसे को लंबे समय तक नुकसान पहुंच सकता है।

कौन-कौन से विभाग हुए प्रभावित

इस छंटनी का असर स्पोर्ट्स, किताबों की कवरेज, इंटरनेशनल रिपोर्टिंग, मेट्रो डेस्क और कॉपी एडिटिंग जैसे अहम विभागों पर पड़ा है। इसके अलावा जेरूसलम और यूक्रेन के ब्यूरो भी बंद कर दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला वैश्विक मीडिया उद्योग पर बढ़ते आर्थिक दबाव और बदलते समय की एक बड़ी मिसाल है।