मोकामा विधायक Anant Singh को Patna High Court से जमानत, 20–21 मार्च तक रिहाई संभव
पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मोकामा से विधायक Anant Singh को Patna High Court से जमानत मिल गई है। वे दुलारचंद यादव मर्डर केस में पटना के बेऊर जेल में बंद थे। अदालत से जमानत मिलने के बाद अब कागजी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है, जिसके बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही अनंत सिंह 20 या 21 मार्च तक जेल से बाहर आ सकते हैं। इस खबर के सामने आते ही मोकामा और आसपास के इलाकों में उनके समर्थकों के बीच खुशी का माहौल देखा जा रहा है। लंबे समय से उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे समर्थक अब स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं।
रिहाई की खबर से समर्थकों में उत्साह
जमानत की जानकारी मिलते ही मोकामा विधानसभा क्षेत्र में उनके समर्थकों के बीच जश्न जैसा माहौल बन गया है। कई जगहों पर लोगों ने मिठाइयां बांटने और उनके स्वागत की योजना बनानी शुरू कर दी है। समर्थकों का कहना है कि उनके नेता के बाहर आने से क्षेत्र की राजनीति में फिर से सक्रियता बढ़ेगी।
स्थानीय राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि अनंत सिंह की रिहाई सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका असर आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
राज्यसभा चुनाव के दौरान भी सुर्खियों में रहे
हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान भी अनंत सिंह चर्चा में आए थे। उस समय वे जेल से बाहर आकर मतदान करने पहुंचे थे। उनकी उस मौजूदगी ने बिहार की सियासत में खासा ध्यान खींचा था और राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में संकेत दिए थे कि आने वाले समय में उनका परिवार भी सक्रिय राजनीति में कदम रख सकता है। उनके इस बयान को राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
मर्डर केस से जुड़ा है पूरा मामला
दरअसल, यह पूरा मामला दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा हुआ है। यह घटना 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी। इसी मामले में अनंत सिंह को आरोपी बनाया गया था और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
हालांकि, जेल में रहने के बावजूद उन्होंने चुनाव जीता था। इससे यह साफ होता है कि उनके क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ अभी भी मजबूत मानी जाती है।
रिहाई के बाद बढ़ सकती है सियासी हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अनंत सिंह की रिहाई के बाद मोकामा और आसपास के जिलों की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। खासतौर पर आगामी चुनावों से पहले उनकी सक्रियता कई दलों के लिए चुनौती या रणनीतिक बदलाव का कारण बन सकती है।
बिहार की राजनीति में पहले भी अनंत सिंह का प्रभाव देखा गया है और अब जेल से बाहर आने के बाद वे किस तरह अपनी भूमिका निभाते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।
