क्या NEET परीक्षा अब NTA नहीं कराएगी? सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई, जानिए याचिका में क्या-क्या मांग की गई है?
NEET Paper Leak 2026: देशभर में पेपर लीक को लेकर जारी विवाद के बीच शुक्रवार का दिन बेहद अहम है। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले से जुड़ी कई याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नई और अधिक सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देर रात देश को संबोधित करते हुए पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने का संकेत दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हैं प्रमुख मांगें?
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में कहा गया है कि मौजूदा परीक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई हैं। इसलिए केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि NTA की जगह ऐसी नई परीक्षा एजेंसी बनाई जाए, जो तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और स्वतंत्र तरीके से काम करे।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी मांग की है कि CBI को पेपर लीक मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर अदालत में पेश करने का निर्देश दिया जाए, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिया छात्रों को भरोसा
पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और हर छात्र को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, जो पूरी तरह विश्वसनीय और सुरक्षित हो। इसके लिए सख्त कानून लाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव को जल्द केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल सकती है और आगामी दिनों में संसद में संबंधित विधेयक पेश किया जा सकता है।
पेपर लीक रोकने के लिए नए सिस्टम की तैयारी
सरकारी स्तर पर ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करने की तैयारी चल रही है, जिसमें तकनीक का अधिक इस्तेमाल हो और पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना लगभग खत्म हो सके। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करना है।
सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। वांगचुक ने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है।
सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया जाएगा। साथ ही संसद में पेपर लीक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने की तैयारी भी की जा रही है। सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रभावित छात्रों से जुड़े मामलों पर भी आवश्यक कदम उठाने की बात कह रही है।
आज की सुनवाई पर देशभर की नजर
पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं। अदालत के रुख, परीक्षा प्रणाली में संभावित बदलाव और सरकार के नए कानून को लेकर होने वाले फैसले आने वाले समय में देश की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था की दिशा तय कर सकते हैं।
