ब्राजील में लूला की जीत पर भारतीय वामपंथी नेताओं की प्रतिक्रिया, नेहा बोरा बोलीं—'सौ गुलाब तोड़ सकते हैं, लेकिन...
New Delhi : ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की जीत की खबरों के बीच भारत के वामपंथी नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रमुख नेहा बोरा ने लूला की जीत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ताकतवर लोग एक, दो या सौ गुलाबों को तोड़ सकते हैं, लेकिन वसंत के आगमन को कभी नहीं रोक सकते।
उन्होंने कहा कि भारत भी वसंत का इंतजार कर रहा है और उसकी तैयारी कर रहा है। उनके इस बयान को भारत में जारी छात्र आंदोलनों और राजनीतिक संघर्षों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
लूला की जीत पर वाम दलों ने दी बधाई
प्राप्त विवरण के अनुसार, अक्टूबर 2026 में हुए ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लूला दा सिल्वा ने लिबरल पार्टी के नेता फ्लावियो बोल्सोनारो को मामूली अंतर से हराया है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस जीत के साथ लूला चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति चुने गए हैं। वहीं, फ्लावियो बोल्सोनारो ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए उन्हें समझ से परे बताया है।
एमए बेबी बोले—जन आंदोलनों को मिलेगी नई उम्मीद
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लूला और ब्राजील की जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लूला की जीत श्रमिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे जन आंदोलनों को उम्मीद देती है।
एमए बेबी ने भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि ब्राजील के चुनाव परिणाम भारतीय युवाओं में नया उत्साह पैदा करेंगे। उनके अनुसार, लूला के चुनाव अभियान ने जनता की एकजुटता का महत्व सामने रखा है।
दीपांकर भट्टाचार्य ने भी दी प्रतिक्रिया
सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी लूला को बधाई दी। उन्होंने ब्राजील के चुनाव परिणामों को दक्षिणपंथी राजनीति के खिलाफ जनादेश बताया। साथ ही सर्बिया के राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए वहां छात्र-नेतृत्व वाले विपक्षी आंदोलन की भूमिका पर टिप्पणी की।
भारतीय वामपंथी नेताओं की इन प्रतिक्रियाओं में ब्राजील के चुनाव को श्रमिक अधिकारों, छात्र आंदोलनों और राजनीतिक एकजुटता से जोड़कर देखा गया है।
ब्राजील में लूला को 51.79 प्रतिशत वोट
ब्राजील के सर्वोच्च चुनाव न्यायालय (TSE) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 25 अक्टूबर को हुए दूसरे चरण के मतदान में लूला को 51.79 प्रतिशत और फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत वैध वोट मिले। लूला का चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल 5 जनवरी 2027 से शुरू होगा।
