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दिल्ली में अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने के बाद नया विवाद, CJP बोली - कहां ले गई पुलिस, नहीं बताया लोकेशन

 
दिल्ली में अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने के बाद नया विवाद, CJP बोली - कहां ले गई पुलिस, नहीं बताया लोकेशन
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New Delhi : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। पार्टी ने दावा किया है कि पुलिस दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। सीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि दीपके को वकीलों से बातचीत करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पार्टी ने दिल्ली पुलिस से उनकी स्थिति और हिरासत के स्थान की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

'अभिजीत को कहां ले गए, जवाब देना होगा'—CJP

कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। पार्टी ने लिखा, 'दिल्ली पुलिस अभिजीत दीपके को किसी अज्ञात जगह ले गई है। हमारा उनसे संपर्क टूट गया है। उन्हें वकीलों से बात नहीं करने दिया जा रहा है।'

CJP ने सवाल किया कि युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को संविधान के तहत मिले अधिकारों और कानूनी सुरक्षा का लाभ लेने का अधिकार है।

हालांकि, दीपके को कहां रखा गया है और वकीलों से संपर्क न होने के आरोपों पर दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।


सेंट्रल पार्क पहुंचने से पहले हिरासत में लिए गए दीपके

शुक्रवार (16 अक्टूबर) को दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क पहुंचने से पहले एहतियातन हिरासत में लिया था।

CJP के मुताबिक, दीपके राष्ट्रीय ध्वज लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहे थे। पार्टी का दावा है कि वह एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास के बाहर अकेले पैदल जा रहे थे।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने का हवाला दिया था।

'तिरंगा लेकर चलना अपराध कैसे हो सकता है?'

CJP ने दावा किया कि हिरासत में लिए जाने से पहले अभिजीत दीपके ने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि उन्हें क्यों रोका जा रहा है, जबकि वह अकेले पैदल जा रहे हैं और उनके साथ कोई भीड़ नहीं है। पार्टी की ओर से साझा किए गए बयान के अनुसार, दीपके ने कहा कि यदि तिरंगा लेकर चलना अपराध है तो उन्हें जेल भेज दिया जाए।

उन्होंने सवाल उठाया कि अपने ही देश की राजधानी में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शांतिपूर्वक चलने पर पुलिस कार्रवाई क्यों की जा रही है।

बड़ी भीड़ इकट्ठा नहीं करने की अपील का दावा

CJP के अनुसार, पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से पहले ही बड़ी भीड़ इकट्ठा नहीं करने की अपील की थी। पार्टी ने कहा कि लोगों से छोटे समूहों में तिरंगा लेकर पहुंचने, तस्वीर खिंचवाने और बिना नारेबाजी या हंगामे के लौट जाने को कहा गया था।

इसके बावजूद पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर आवाजाही प्रतिबंधित की और दीपके को हिरासत में ले लिया। पार्टी ने इस कार्रवाई को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रयास बताया।