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LPG संकट के बीच राहत की खबर, ईरान की अनुमति से भारत पहुंचेंगे गैस और तेल से लदे जहाज

 
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नई दिल्ली। देश में गहराते एलपीजी संकट के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान सरकार की विशेष अनुमति के बाद भारतीय जहाजों की आवाजाही का रास्ता साफ हो गया है। इसी कड़ी में एलपीजी से लदा जहाज ‘शिवालिक’ सोमवार को गुजरात के Mundra Port पहुंच गया, जहां से गैस की खेप उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इसके अलावा एलपीजी से लदा जहाज ‘नंदा देवी’ और कच्चा तेल लेकर आ रहा ‘जग लाडली’ भी मंगलवार को भारतीय तट पर पहुंचने वाले हैं। प्रशासन ने पहले ही सभी जरूरी कागजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली थीं, ताकि गैस और तेल को बिना किसी देरी के रिफाइनरी और डिपो तक पहुंचाया जा सके।

कूटनीतिक प्रयासों से खुला रास्ता

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz में जहाजों के फंसने के बीच भारत की कूटनीतिक पहल रंग लाती दिखाई दी। Iran ने विशेष अनुमति देते हुए ‘शिवालिक’ को रास्ता दिया, जिसके बाद वह सुरक्षित भारत पहुंच सका। आज आने वाला ‘नंदा देवी’ एलपीजी से लदा दूसरा बड़ा जहाज है, जबकि ‘जग लाडली’ United Arab Emirates से लगभग 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है।

इन तीनों जहाजों के पहुंचने से देश में रसोई गैस और ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था में काफी हद तक सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने दी स्थिति की जानकारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में Ministry of Petroleum and Natural Gas की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने बताया कि फिलहाल देश में केवल एलपीजी आपूर्ति को लेकर कुछ चिंता है।

उन्होंने कहा कि CNG, PNG, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है और इनमें किसी तरह की कमी नहीं है। सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन में करीब 36 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है ताकि मांग को पूरा किया जा सके।

हालांकि कमर्शियल एलपीजी की स्थिति अभी भी थोड़ी अस्थिर बनी हुई है। इसे देखते हुए राज्यों को स्थानीय जरूरत के आधार पर होटल और उद्योगों के लिए गैस कोटा तय करने की छूट दी गई है।

कालाबाजारी पर सरकार का सख्त रुख

गैस की कमी की खबरों के बीच ब्लैक मार्केटिंग सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार, राज्य प्रशासन और तेल कंपनियों के अधिकारी दिन में दो बार समीक्षा बैठक कर रहे हैं।

Assam, Madhya Pradesh, Rajasthan, Andhra Pradesh और Bihar जैसे राज्यों में अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है।

अभी भी फंसे हैं 22 भारतीय जहाज

हालांकि कुछ जहाजों को रास्ता मिल गया है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में अब भी करीब 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं।
इस मुद्दे पर Subrahmanyam Jaishankar ने कहा कि सभी जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए बातचीत जारी है, लेकिन इस संबंध में ईरान के साथ कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है।

वहीं United States द्वारा होर्मुज क्षेत्र में सैन्य सुरक्षा देने के प्रस्ताव पर भारत ने फिलहाल ठंडा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस मामले में भारत किसी भी देश के साथ द्विपक्षीय सैन्य चर्चा में शामिल नहीं है।

सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और देश में ईंधन आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।