महिला मतदाताओं को निशांत कुमार की सराहना, राजनीतिक भविष्य पर साधी चुप्पी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने गुरुवार को राज्य की जनता को मिले ऐतिहासिक जनादेश के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने खास तौर पर महिला मतदाताओं की अभूतपूर्व भागीदारी की सराहना की। हालांकि, अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत से जुड़े सवालों पर निशांत ने खुलकर कुछ नहीं कहा और मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए।
10वीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार
गुरुवार को गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में निशांत ने कहा, बिहार की जनता को नमन। मैं दिल से धन्यवाद देता हूं। महिलाओं ने जिस तरह मतदान किया, उनकी विशेष भागीदारी बिहार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
राजनीति में आने के सवाल पर चुप्पी
राजनीति में प्रवेश को लेकर पूछे गए सवाल पर निशांत ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। वह अब तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे हैं और कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा है। इस चुनाव में उनके संभावित सियासी डेब्यू को लेकर काफी चर्चाएं थीं, लेकिन उन्होंने इन अटकलों पर रोक लगा दी।
एनडीए की प्रचंड जीत, भाजपा बनी सबसे बड़ी पार्टी
243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर सत्ता में जोरदार वापसी की।
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भाजपा — 89 सीटें
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जदयू — 85 सीटें
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लोजपा (रामविलास) — 19 सीटें
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हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा — 5 सीटें
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रालोमो — 4 सीटें
महिलाओं का रिकॉर्ड मतदान
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों से काफी अधिक रहा।
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महिलाएं — 71% से अधिक
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पुरुष — 62.9%
सात जिलों में महिलाओं ने पुरुषों से 14 प्रतिशत अधिक, जबकि 10 जिलों में 10 प्रतिशत से ज्यादा वोट डाले। एनडीए नेताओं ने इसे चुनावी जीत का निर्णायक मार्ग माना।
नीतीश सरकार की योजनाओं का असर
वरिष्ठ एनडीए पदाधिकारियों का मानना है कि महिलाओं का भारी समर्थन नीतीश सरकार की कल्याणकारी नीतियों की वजह से मिला।
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2016 की शराबबंदी नीति, जिसे घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं का बड़ा समर्थन मिला।
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जीविका दीदी योजना, जिसके तहत पिछली एनडीए सरकार ने
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1.21 करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपये की सहायता दी
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और उनके सूक्ष्म व्यवसायों के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद का वादा किया।
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क्या है 'जीविका दीदी' परियोजना?
यह विश्व बैंक सहायता प्राप्त कार्यक्रम बिहार ग्रामीण आजीविका प्रोत्साहन सोसायटी (BRLPS) के जरिए चलाया जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है। इस परियोजना ने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया, जिसके सीधे प्रभाव चुनावी नतीजों में देखने को मिले।
महिला मतदाता बने गेमचेंजर
जदयू नेताओं का कहना है कि महिलाओं ने इस चुनाव में जातीय समीकरणों को पीछे छोड़ एक नई वोटबैंक के रूप में उभरकर चुनावी परिणाम को नया स्वरूप दिया और नीतीश कुमार की सत्ता में वापसी की मजबूत नींव रखी।
