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ओला, उबर और रैपिडो ड्राइवरों की देशव्यापी हड़ताल, 7 फरवरी को सेवाएं रहेंगी प्रभावित
 

 
ओला, उबर और रैपिडो ड्राइवरों की देशव्यापी हड़ताल, 7 फरवरी को सेवाएं रहेंगी प्रभावित
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नई दिल्ली I यदि आप रोजाना ओला, उबर या रैपिडो जैसी ऐप-आधारित राइड-हेलिंग सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो कल यानी 7 फरवरी 2026 को आपको यात्रा में भारी दिक्कत आ सकती है। ड्राइवर यूनियनों ने इस दिन 'ऑल इंडिया ब्रेकडाउन' नाम से देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिसके तहत हजारों ड्राइवर कम से कम 6 घंटे के लिए अपने ऐप्स ऑफलाइन रखेंगे और राइड्स नहीं लेंगे।

यह हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और अन्य राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में हो रही है। ड्राइवरों का कहना है कि मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 लागू होने के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कंपनियां मनमाने ढंग से किराया तय कर रही हैं, उनका कमीशन बहुत ज्यादा है और ईंधन की बढ़ती कीमतों व महंगाई के बीच कमाई बहुत कम रह गई है।

हड़ताल के प्रमुख कारण
- किराए में मनमानी और उच्च कमीशन:
कंपनियां बिना पारदर्शिता के किराया बदलती हैं।
- कम आय: कई ड्राइवरों की मासिक कमाई 15,000 रुपये से भी कम है।
- सुरक्षा और नियमन की कमी: सरकार की ओर से ठोस रेगुलेशन न होने से शोषण जारी है।
- प्राइवेट वाहनों का कमर्शियल इस्तेमाल: सफेद नंबर प्लेट वाली बाइक और कारों से बाइक टैक्सी चल रही है, जो लाइसेंस्ड ड्राइवरों को नुकसान पहुंचा रही है।

ड्राइवरों की मुख्य मांगें
ड्राइवर यूनियनों ने केंद्रीय परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर ये मांगें रखी हैं:
- सरकार द्वारा हर राइड के लिए न्यूनतम बेस किराया तय किया जाए, जो यूनियनों से परामर्श के बाद हो।
- प्राइवेट (सफेद नंबर प्लेट) वाहनों पर कमर्शियल इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगे या उन्हें कमर्शियल कैटेगरी में कन्वर्ट किया जाए।
- गाइडलाइंस की धारा 17.3 हटाई जाए, जो कंपनियों को बेस किराए से 50% कम पर राइड देने की अनुमति देती है।

क्या होगा असर?
- ओला/उबर की कैब और ऑटो-रिक्शा तथा रैपिडो की बाइक टैक्सी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी।
- बड़े शहर जैसे दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, नागपुर आदि में सुबह के समय राइड्स उपलब्धता बहुत कम हो सकती है।
- यात्रियों को ज्यादा किराया या वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ सकती है।

यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है।

यात्रियों के लिए सलाह

कल सुबह यदि जरूरी यात्रा है, तो ओला-उबर पर निर्भर न रहें। मेट्रो, DTC बसें, लोकल ट्रेन या अन्य सार्वजनिक परिवहन का विकल्प पहले से तैयार रखें।