OP राजभर का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोले- PDA की बात करने वाले राजभर समाज की हत्याओं पर मौन क्यों?
Jun 7, 2026, 14:17 IST
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उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और Om Prakash Rajbhar ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर लिखी लंबी पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की राजनीति का दावा करने वाली समाजवादी पार्टी राजभर समाज से जुड़े लोगों की हत्या और उत्पीड़न के मामलों पर चुप्पी साध लेती है।
ओम प्रकाश राजभर ने सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए सवाल किया कि जब राजभर समाज के लोगों के साथ लगातार आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, तब PDA की बात करने वाले नेता आवाज क्यों नहीं उठाते। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक वर्ष के दौरान सामने आए कई हत्या मामलों में समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं।
इन घटनाओं का किया जिक्र
राजभर ने अपनी पोस्ट में कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए—
1. श्रावस्ती हत्याकांड
26 जनवरी 2025 को श्रावस्ती जिले के पूरेमंशाराम गांव में संजय राजभर की हत्या का मामला सामने आया था। राजभर का दावा है कि इस मामले में समाजवादी पार्टी से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आया था।
2. जौनपुर में सुनील राजभर की हत्या
16 जनवरी 2026 को जौनपुर के खेतासराय क्षेत्र में सुनील राजभर की हत्या हुई थी। इस मामले में जीशान नामक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
3. महराजगंज में किशोर की हत्या
14 फरवरी 2026 को महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा क्षेत्र में 15 वर्षीय अंकुश राजभर की हत्या का मामला सामने आया। राजभर ने दावा किया कि इस मामले में रामनरेश यादव का नाम आया था।
4. बाराबंकी में आइसक्रीम विक्रेता की हत्या
28 मार्च 2026 को बाराबंकी के टिकैतनगर क्षेत्र में आइसक्रीम विक्रेता बबलू राजभर की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शंकर यादव पर आरोप लगाए गए थे।
5. देवरिया में सूरज राजभर हत्याकांड
20 अप्रैल 2026 को देवरिया के भटनी क्षेत्र में सूरज राजभर की हत्या हुई थी। राजभर ने कहा कि इस मामले में अशोक यादव का नाम सामने आया था।
6. मऊ में राजजन्म राजभर की हत्या
29 मई 2026 को मऊ जिले के हलधरपुर क्षेत्र में राजजन्म राजभर की हत्या हुई थी। मंत्री ने दावा किया कि इस मामले में रामबदन यादव आरोपी के रूप में नामजद है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
ओम प्रकाश राजभर की इस पोस्ट के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। उन्होंने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी से सवाल किया कि यदि PDA वास्तव में सामाजिक न्याय की अवधारणा है, तो राजभर समाज से जुड़े इन मामलों पर उनकी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई देती।
हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए प्रदेश में जातीय और सामाजिक मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए सवाल किया कि जब राजभर समाज के लोगों के साथ लगातार आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, तब PDA की बात करने वाले नेता आवाज क्यों नहीं उठाते। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक वर्ष के दौरान सामने आए कई हत्या मामलों में समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं।
इन घटनाओं का किया जिक्र
राजभर ने अपनी पोस्ट में कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए—
1. श्रावस्ती हत्याकांड
26 जनवरी 2025 को श्रावस्ती जिले के पूरेमंशाराम गांव में संजय राजभर की हत्या का मामला सामने आया था। राजभर का दावा है कि इस मामले में समाजवादी पार्टी से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आया था।
2. जौनपुर में सुनील राजभर की हत्या
16 जनवरी 2026 को जौनपुर के खेतासराय क्षेत्र में सुनील राजभर की हत्या हुई थी। इस मामले में जीशान नामक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
3. महराजगंज में किशोर की हत्या
14 फरवरी 2026 को महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा क्षेत्र में 15 वर्षीय अंकुश राजभर की हत्या का मामला सामने आया। राजभर ने दावा किया कि इस मामले में रामनरेश यादव का नाम आया था।
4. बाराबंकी में आइसक्रीम विक्रेता की हत्या
28 मार्च 2026 को बाराबंकी के टिकैतनगर क्षेत्र में आइसक्रीम विक्रेता बबलू राजभर की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शंकर यादव पर आरोप लगाए गए थे।
5. देवरिया में सूरज राजभर हत्याकांड
20 अप्रैल 2026 को देवरिया के भटनी क्षेत्र में सूरज राजभर की हत्या हुई थी। राजभर ने कहा कि इस मामले में अशोक यादव का नाम सामने आया था।
6. मऊ में राजजन्म राजभर की हत्या
29 मई 2026 को मऊ जिले के हलधरपुर क्षेत्र में राजजन्म राजभर की हत्या हुई थी। मंत्री ने दावा किया कि इस मामले में रामबदन यादव आरोपी के रूप में नामजद है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
ओम प्रकाश राजभर की इस पोस्ट के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। उन्होंने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी से सवाल किया कि यदि PDA वास्तव में सामाजिक न्याय की अवधारणा है, तो राजभर समाज से जुड़े इन मामलों पर उनकी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई देती।
हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए प्रदेश में जातीय और सामाजिक मुद्दों पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।
