वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी पर ओवैसी का तीखा बयान, बोले– अगर ट्रंप कर सकते हैं तो मोदी भी...
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। इस घटनाक्रम पर भारत में भी सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
ओवैसी ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके ही देश से पकड़कर अमेरिका ले गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर अमेरिकी राष्ट्रपति किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को अगवा कर सकते हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पाकिस्तान जाकर 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को भारत क्यों नहीं ला सकते?”
भारत ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
इस बीच, वेनेजुएला में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। पीटीआई के मुताबिक, शनिवार रात (3 जनवरी 2026) विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम को देखते हुए भारतीय नागरिकों को वहां सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी जाती है।” साथ ही, वेनेजुएला में मौजूद भारतीयों से अत्यधिक सतर्क रहने, अपनी आवाजाही सीमित रखने और काराकस स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने को कहा गया है।
वेनेजुएला में कितने भारतीय
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वेनेजुएला में करीब 50 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और लगभग 30 भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
अमेरिकी कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने को लेकर अमेरिका की कार्रवाई पर रूस और चीन समेत कई प्रमुख देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है। इन देशों का कहना है कि यह कदम वेनेजुएला की संप्रभुता के खिलाफ है और इससे वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ सकता है।
फिलहाल, वेनेजुएला में हालात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं और भारत सरकार भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है।
