PM Modi के राष्ट्र के नाम संबोधन पर पप्पू यादव का पलटवार, बोले- 12 साल शासन के बाद भी यदि कांग्रेस का...
Apr 19, 2026, 11:31 IST
WhatsApp Channel
Join Now
Facebook Profile
Join Now
Instagram Profile
Join Now
नई दिल्ली। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पीएम मोदी के विपक्ष पर हमले के बाद अब विपक्षी नेताओं ने भी पलटवार शुरू कर दिया है।
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि 12 साल के शासन के बाद भी यदि सरकार कांग्रेस का सामना नहीं कर पा रही है, तो प्रधानमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने ED, CBI, IT और अन्य संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सरकार पर तीखी टिप्पणी की।
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी अपने आधिकारिक हैंडल से तंज कसते हुए प्रधानमंत्री के संबोधन को “कॉमेडी” बताया और कहा, अब नयनजल भी गिरा दो जनाब, क्या नौटंकी है भाई?
इस बीच, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक का पूरा समर्थन करता है, लेकिन बीजेपी यह गलत धारणा फैला रही है कि केवल वही महिलाओं के पक्ष में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह गलत है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और सरकार ने इसे 2034 में लागू करने की बात कही थी। उनके मुताबिक, परिसीमन (डिलिमिटेशन) एक अलग मुद्दा है, जिसे इस बिल से जोड़ना सही नहीं है।
गौरतलब है कि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो सका था। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 18 अप्रैल की रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके समेत विपक्षी दलों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था।
अब इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज हो गया है, जहां सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि 12 साल के शासन के बाद भी यदि सरकार कांग्रेस का सामना नहीं कर पा रही है, तो प्रधानमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने ED, CBI, IT और अन्य संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सरकार पर तीखी टिप्पणी की।
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी अपने आधिकारिक हैंडल से तंज कसते हुए प्रधानमंत्री के संबोधन को “कॉमेडी” बताया और कहा, अब नयनजल भी गिरा दो जनाब, क्या नौटंकी है भाई?
इस बीच, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक का पूरा समर्थन करता है, लेकिन बीजेपी यह गलत धारणा फैला रही है कि केवल वही महिलाओं के पक्ष में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह गलत है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पहले ही 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है और सरकार ने इसे 2034 में लागू करने की बात कही थी। उनके मुताबिक, परिसीमन (डिलिमिटेशन) एक अलग मुद्दा है, जिसे इस बिल से जोड़ना सही नहीं है।
गौरतलब है कि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो सका था। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 18 अप्रैल की रात राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके समेत विपक्षी दलों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था।
अब इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज हो गया है, जहां सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
