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Petrol-Diesel Price Hike: फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, 10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम; जानिए आपके शहर का नया रेट

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों में चौथी बार तेल महंगा हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गया है। जानिए नए रेट, बढ़ोतरी की वजह और आने वाले दिनों में कितना महंगा हो सकता है ईंधन।

 
Petrol-Diesel Price Hike
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Petrol-Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद आम आदमी की जेब पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है।

नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। पेट्रोल में 2.61 रुपये और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। सबसे अहम बात यह है कि पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं।

10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी, लगातार महंगा हो रहा ईंधन

मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने के बाद सबसे पहले 15 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए थे। इसके बाद 19 मई और 23 मई को भी कीमतों में इजाफा किया गया। अब एक बार फिर कीमतें बढ़ने से यह साफ हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। चार साल तक स्थिर रहने के बाद अब ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

विशेषज्ञों के मुताबिक मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। सप्लाई में कमी आने से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है।

कच्चा तेल महंगा होने के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर भारी आर्थिक दबाव बढ़ गया। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनियों को रोजाना हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था।

इसी नुकसान की भरपाई के लिए कंपनियां चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही हैं।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

वहीं चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

वाराणसी में पेट्रोल के दाम 

वाराणसी में आज पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर है। वाराणसी में पेट्रोल की कीमत में आखिरी बदलाव 24 मई, 2026 को हुआ था, जब इसमें +0.27 रुपये की वृद्धि हुई थी। पिछले 10 दिनों में वाराणसी में पेट्रोल की कीमत 98.56 रुपये और 99.89 रुपये के बीच उतार-चढ़ाव करती रही है।


दिल्ली में अब तक कितना महंगा हुआ पेट्रोल?

कीमतों में बढ़ोतरी शुरू होने से पहले दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर था।

अब तक राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 7.53 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।

तेल कंपनियां छोटी-छोटी बढ़ोतरी कर रही थीं, लेकिन लगातार हो रही वृद्धि अब लोगों की जेब पर बड़ा असर डालने लगी है।

क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?

ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए अभी कीमतों में राहत की संभावना कम दिखाई दे रही है। अगर मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ता है और कच्चे तेल की सप्लाई और प्रभावित होती है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी सी हलचल का भी सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।

आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक असर

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ता है।

डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ती है, जिसका असर फल-सब्जी, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई देता है। यही वजह है कि ईंधन की कीमतों में हर बढ़ोतरी आम जनता के बजट को सीधे प्रभावित करती है।

फिलहाल राहत की उम्मीद कम

सरकार और तेल कंपनियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आने तक कीमतों में राहत मिलना मुश्किल माना जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ा आर्थिक मुद्दा बने रह सकते हैं।