दुनिया के टॉप-5 बैंकों में भारतीय बैंक! PM Modi के मिशन पर आज से बड़ा मंथन
PM Modi Banking Vision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि भारत का बैंकिंग सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब कम से कम एक भारतीय बैंक को दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में शामिल होना चाहिए। इस लक्ष्य को हासिल करने की रणनीति पर 17-18 अगस्त को नई दिल्ली में होने वाले दो दिवसीय 'PSB Confluence' में चर्चा होगी।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की ओर से आयोजित इस बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सरकारी वित्तीय संस्थानों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में प्रधानमंत्री के बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े विजन को आगे बढ़ाने के लिए ठोस और समयबद्ध रणनीति तैयार करने पर मंथन होगा।
नागरिक-केंद्रित बैंकिंग पर रहेगा जोर
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, PSB Confluence का उद्देश्य सरकारी बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाना, बेहतर कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करना और ऐसे व्यावहारिक कदम तय करना है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले।
बैठक में जमा संग्रहण बढ़ाने, युवाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने, निवेश चक्र को मजबूत करने और वैश्विक क्षमता बढ़ाने वाले केंद्र स्थापित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा कृषि एवं बागवानी, इंफ्रास्ट्रक्चर, क्रेडिट कार्ड कारोबार और प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending) को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सस्ता कर्ज और ग्रामीण बैंकिंग भी एजेंडे में
देश की बढ़ती जरूरतों के मुताबिक कम लागत पर कर्ज उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाने पर भी चर्चा होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने और उन लोगों तक औपचारिक बैंकिंग एवं ऋण सुविधाएं पहुंचाने पर जोर रहेगा, जो अब तक इससे पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।
बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और कार्यकारी निदेशक के अलावा एक्जिम बैंक, SIDBI, IIFCL समेत अन्य सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में हिस्सा लेंगे।
दुनिया के टॉप-5 बैंक में पहुंचने के लिए SBI को कितना बढ़ना होगा?
प्रधानमंत्री के लक्ष्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारतीय बैंकों का वैश्विक स्तर पर आकार और बाजार पूंजीकरण बढ़ाना है। मौजूदा स्थिति में देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) है, जिसका बाजार पूंजीकरण करीब 103 अरब डॉलर यानी लगभग 10 लाख करोड़ रुपये बताया गया है। इसका इक्विटी पूंजी आधार करीब 6.2 लाख करोड़ रुपये है।
दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में शामिल बैंकों का बाजार पूंजीकरण फिलहाल करीब 300-350 अरब डॉलर या उससे अधिक के स्तर पर है। ऐसे में SBI को इस स्तर तक पहुंचने के लिए अपने बाजार पूंजीकरण को मौजूदा स्तर से लगभग तीन गुना बढ़ाना होगा।
PNB के लिए चुनौती और बड़ी
सरकारी क्षेत्र का दूसरा बड़ा बैंक Punjab National Bank (PNB) इस मामले में SBI से काफी पीछे है। इसका बाजार पूंजीकरण करीब 14 अरब डॉलर, यानी लगभग 1.35-1.36 लाख करोड़ रुपये है। वहीं, इसका पूंजी आधार लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये बताया गया है। यदि PNB को दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों के स्तर तक पहुंचना है तो उसे अपने मौजूदा बाजार पूंजीकरण में 20 गुना से अधिक की वृद्धि करनी होगी।
SBI-PNB विलय से क्या बदलेगा?
यदि भविष्य में SBI और PNB का एकीकरण होता है, तो दोनों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण करीब 117 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। वहीं, दोनों का संयुक्त पूंजी आधार लगभग 7.7 लाख करोड़ रुपये और कुल संपत्ति करीब 1.1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
ऐसी स्थिति में दोनों बैंक संयुक्त रूप से वैश्विक बैंकिंग क्षेत्र में करीब टॉप-30 के आसपास पहुंच सकते हैं। हालांकि, यह अपने आप में दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में जगह बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए आकार के साथ-साथ पूंजी, कारोबार, मुनाफे, तकनीकी क्षमता और वैश्विक विस्तार में भी बड़े पैमाने पर वृद्धि करनी होगी।
