कभी नक्सलवाद का गढ़ रहे इलाके में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, बस्तर में जवानों के साथ मनाएंगे दिवाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे। पीएम मोदी ने एक्स पर इसकी जानकारी दी। कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर में अब विकास की गतिविधियां बढ़ रही हैं। जानिए प्रधानमंत्री के दौरे और CRPF की अहम उपलब्धि से जुड़ी पूरी जानकारी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे। कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहे इस इलाके में प्रधानमंत्री का पहुंचना खास माना जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वह बस्तर में तैनात बहादुर जवानों के बलिदान, त्याग और देश के प्रति उनकी निष्ठा को नमन करने जा रहे हैं।
PM मोदी ने एक्स पर दी बस्तर जाने की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह अपने बहादुर सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने के लिए बस्तर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस इलाके में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में सुरक्षा बलों के जवानों के बलिदान, निस्वार्थ सेवा और देश के प्रति अटूट समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह इन बहादुर जवानों को सम्मान देने और उनके योगदान को नमन करने जा रहे हैं।
नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर में बदले हालात
छत्तीसगढ़ का बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। इस वजह से यहां विकास कार्यों और सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा। केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को प्राथमिकता दी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मई 2026 में जगदलपुर में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त क्षेत्र घोषित किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने संदेश में बस्तर में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि जहां पहले नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास आगे बढ़ रहा है।
12 महीने से CRPF के अभियान में नहीं हुई कोई मौत
इस बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। बल लगातार 12 महीनों से अपने अभियानों के दौरान किसी जवान की मौत के बिना काम कर रहा है। इससे पहले आखिरी ऑपरेशनल मौत 30 अक्टूबर 2025 को हुई थी।
CRPF के महानिदेशक जीपी सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय आधुनिक उपकरणों, बेहतर प्रशिक्षण, रणनीतिक योजना और अभियान के बाद घायल जवानों को तेजी से बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था को दिया।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सुरक्षा बल विभिन्न ऑपरेशनल क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहते हुए अभियान चला रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी CRPF की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे 'A ZERO that speaks volumes' बताया था।
2014 से जवानों के साथ दिवाली मनाते आ रहे हैं PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए दिवाली पर सुरक्षा बलों के जवानों के बीच पहुंचना एक परंपरा रही है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से वह अलग-अलग वर्षों में देश के सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात जवानों के साथ यह त्योहार मनाते रहे हैं।
इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर को चुनना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। प्रधानमंत्री का यह दौरा सुरक्षा बलों के योगदान और क्षेत्र में बदलते हालात की ओर भी ध्यान खींचता है।
