Movie prime

PM मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स सम्मेलन का उद्घाटन किया; AI, सोशल मीडिया और लोकतंत्र की मजबूती पर वैश्विक मंथन

 
 PM मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स सम्मेलन का उद्घाटन किया; AI, सोशल मीडिया और लोकतंत्र की मजबूती पर वैश्विक मंथन
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

नई दिल्ली I प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के संविधान सदन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) 2026 का उद्घाटन किया। इस तीन दिवसीय सम्मेलन (14-16 जनवरी) का आयोजन भारतीय संसद द्वारा किया जा रहा है, जो अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी वाली CSPOC मानी जा रही है।

उद्घाटन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरिवंश नारायण सिंह ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। सम्मेलन में 42 कॉमनवेल्थ देशों के 61 स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स के साथ-साथ चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि शामिल हैं। कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, मलेशिया, नामीबिया, ट्रिनिडाड और टोबैगो, टोंगा, कैमरून जैसे देशों के प्रतिनिधि इस उच्चस्तरीय आयोजन में भाग ले रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई हाई कमीशनर फिलिप ग्रीन भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह स्थान भारत की डेमोक्रेटिक जर्नी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां संविधान सभा की बैठकों से लेकर महत्वपूर्ण निर्णयों तक इतिहास रचा गया। अब इसे संविधान सदन नाम दिया गया है। पीएम मोदी ने भारत में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का जिक्र करते हुए कहा, "हमारे यहां पहली नागरिक महिला है और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला है। भारत में नारी शक्ति को नमन।"

स्पीकर की भूमिका पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर खुद कम बोलते हैं, लेकिन उनका मुख्य कार्य सदस्यों की बात सुनना और सभी को बोलने का अवसर देना है। स्पीकर का धैर्य और निष्पक्षता सबसे बड़ी खासियत है। उन्होंने इस सम्मेलन को चौथा अवसर बताया, जब भारत इसकी मेजबानी कर रहा है। मुख्य विषय "संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी" है।

पीएम मोदी ने भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया कि विविधता के बावजूद लोकतंत्र यहां मजबूत हुआ और विकास में स्थिरता प्रदान की। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, UPI सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली, सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता और इस्पात उत्पादन में दूसरे स्थान पर है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला इस सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं। सम्मेलन में स्पीकर्स की बदलती भूमिका, संसद में तकनीकी नवाचार और डिजिटल प्रबंधन, नागरिकों में लोकतंत्र की समझ बढ़ाने के नए तरीके जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। विशेष सत्रों में शामिल विषय हैं:

- पार्लियामेंट में एआई: इनोवेशन, ओवरसाइट और अडेप्टेशन (मलेशिया प्रस्तुत)
- सोशल मीडिया और सांसदों पर प्रभाव (श्रीलंका प्रस्तुत)
- जनता में संसद की समझ और मतदान के अलावा नागरिक भागीदारी बढ़ाने की रणनीतियां (नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका प्रस्तुत)

इसके अलावा सांसदों एवं संसद कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भलाई पर भी चर्चा होगी। पिछली 27वीं CSPOC जनवरी 2024 में युगांडा में हुई थी। भारत इससे पहले 1971, 1986 और 2010 में इस सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है। यह आयोजन वैश्विक संसदीय सहयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।