PM मोदी के मेलबर्न कार्यक्रम पर 'पेड भीड़' का आरोप, आयोजकों ने कहा- कांग्रेस सबूत दें या माफी मांगें
PM Modi Melbourne Event: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भव्य सामुदायिक कार्यक्रम 'Melbourne Meets Modi' को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए 'पेड भीड़' (Paid Crowd) के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान न केवल कार्यक्रम से जुड़े हजारों स्वयंसेवकों और प्रवासी भारतीयों का अपमान हैं, बल्कि पूरे भारतीय समुदाय की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाते हैं।
क्या है पूरा विवाद?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में 'Melbourne Meets Modi' नाम से एक विशाल सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों ने हिस्सा लिया। इसके बाद कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को भुगतान किया गया और विशेष इंतजाम किए गए। इन आरोपों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई।
आयोजकों ने कहा- यह प्रवासी भारतीयों का अपमान
कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन में हजारों स्वयंसेवकों, सामुदायिक संगठनों और भारतीय मूल के लोगों ने अपनी इच्छा से भाग लिया था। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को "झूठा और अपमानजनक" बताते हुए कहा कि यदि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं हैं तो कांग्रेस नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। आयोजकों का कहना है कि ऐसे दावे भारतीय समुदाय के योगदान और सम्मान को कमतर दिखाने की कोशिश हैं।
कार्यक्रम को मिला था जबरदस्त समर्थन
'Melbourne Meets Modi' कार्यक्रम को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम के लिए पंजीकरण बेहद तेजी से पूरा हो गया था और बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने पहुंचे। यह आयोजन ऑस्ट्रेलिया-भारत संबंधों और भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर भी रहा फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, शिक्षा, निवेश और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ भी मेलबर्न कार्यक्रम में मौजूद रहे और दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी बहस
आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि भारतीय समुदाय का आयोजन था। ऐसे में 'पेड भीड़' जैसे आरोप उन हजारों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं जिन्होंने स्वेच्छा से इसमें हिस्सा लिया। अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है और कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर भी सभी की नजर बनी हुई है।
