Independence Day 2026: लाल किले से PM मोदी ने गिनाईं भारत की बड़ी उपलब्धियां, 5 सेमीकंडक्टर प्लांट का भी ऐलान, जानें क्या-क्या कहा
Independence Day 2026: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए भारत के विकास, आत्मनिर्भरता और भविष्य की योजनाओं का रोडमैप सामने रखा। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा, परमाणु शक्ति, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंडिया समेत कई क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों से आगे बढ़कर बड़े लक्ष्य तय करने होंगे।
स्वतंत्रता सेनानियों को PM मोदी ने किया नमन
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, जिनके साहस, त्याग और संकल्प ने देश को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर दिल ‘वंदे मातरम’ की धुन पर धड़क रहा है और हर घर तथा हर मन तिरंगे के रंग में रंगा है। उन्होंने महात्मा गांधी समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया।
‘कुछ लोगों को देश में डर का माहौल बनाने में मजा आता था’
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक से अधिक समय के दौरान देश के सामने आई चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से निकलने के बाद दुनिया ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में युद्ध तथा तनाव का दौर देखा।
पीएम मोदी ने कहा कि उस समय कुछ लोग देश में डर का माहौल बनाने में लगे थे। वैक्सीन, पेट्रोल, डीजल और खाद की उपलब्धता को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं और अफवाहें फैलाई जाती थीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने इन चुनौतियों का सामना किया और आगे बढ़ना जारी रखा।
एनर्जी सिक्योरिटी पर बड़ा फोकस, 5 नए न्यूक्लियर रिएक्टर
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को आने वाले समय की बड़ी जरूरत बताते हुए परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस दशक में पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को ऊर्जा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करना होगा।
अगले 7 साल में 5 से 8 सेमीकंडक्टर प्लांट का लक्ष्य
सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर भी प्रधानमंत्री ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि आने वाले सात वर्षों में देश में 5 से 8 सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, स्वदेशी और ‘वोकल फॉर लोकल’ को देश की आर्थिक मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि भारत को महत्वपूर्ण तकनीक और उत्पादन के क्षेत्र में अपनी निर्भरता कम करनी होगी।
12 साल में रक्षा उत्पादन चार गुना बढ़ने का दावा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश का रक्षा उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है। इसी अवधि में खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन लगभग पांच गुना बढ़ने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना और आधुनिक रेलवे कोचों का उत्पादन 21 गुना बढ़ा है। मोबाइल फोन उत्पादन में भी करीब 33 गुना वृद्धि का दावा प्रधानमंत्री ने किया।
डिजिटल इंडिया में भी बड़े बदलाव का जिक्र
पीएम मोदी ने डिजिटल क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या लगभग चार गुना हुई है, जबकि पेटेंट ग्रांट भी चार गुना बढ़े हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस अवधि में डिजिटल ट्रांजैक्शन में करीब 100 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।
पाइप गैस से लेकर नल-जल और आवास तक का जिक्र
प्रधानमंत्री ने बुनियादी सुविधाओं में विस्तार का आंकड़ा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि करीब 12 वर्ष पहले केवल 70 शहरों में पाइप वाली गैस की सुविधा थी, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 700 शहर हो गई है। करीब 1.75 करोड़ घरों को पाइप गैस कनेक्शन से जोड़ने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने बताया कि नल-जल कनेक्शन, गैस कनेक्शन, गरीबों के लिए शौचालय और आवास निर्माण की गति में भी पहले के मुकाबले काफी वृद्धि हुई है।
‘25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले’
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने मिलकर भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि इसी अवधि में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि दलित, वंचित, आदिवासी, ग्रामीण और शहरी आबादी से लेकर गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, बुजुर्ग और महिलाओं तक सभी वर्गों ने देश की प्रगति में योगदान दिया है।
‘छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा’
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से बड़े लक्ष्य तय करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा और भारत को बड़े सपने देखने होंगे। उनके मुताबिक, बड़े सपने सोच का दायरा बढ़ाते हैं और देश की क्षमताओं को नई ऊंचाई तक ले जाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपनी उपलब्धियों पर रुकना नहीं है, बल्कि बड़े संकल्पों और सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ना है।
‘Fragile Five’ से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं तक
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की आर्थिक स्थिति में बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय भारत को दुनिया की ‘Fragile Five’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश ने तेज आर्थिक विकास के साथ अपनी स्थिति मजबूत की है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब तेज गति और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक संकल्प को कोई ताकत रोक नहीं सकती।
आत्मनिर्भर भारत को लेकर दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि रणनीतिक और तकनीकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनना भी है। उन्होंने कहा कि देश को अपनी क्षमताओं को मजबूत करते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी होगी। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों को इसी सोच का हिस्सा बताया।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर विकास का रोडमैप
लाल किले से प्रधानमंत्री का इस साल का संबोधन विकास और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित रहा। परमाणु ऊर्जा से लेकर सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल तकनीक तक सरकार ने आने वाले वर्षों के लिए बड़े लक्ष्य सामने रखे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा को और तेज गति देने के लिए देशवासियों के सपने, संकल्प और सामूहिक क्षमता सबसे बड़ी ताकत हैं।
