भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सियासी संग्राम, राहुल बोले – 6 गुना बढ़ा टैरिफ!
New Delhi : बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने डील को 'असमान' बताते हुए कहा कि सरकार ने भारत को ट्रंप के सामने गिरवी रख दिया है। राहुल ने आरोप लगाया कि भारत पर पहले 3% अमेरिकी टैरिफ लगता था, जो अब बढ़कर 18% पहुंच गया है, यानी 6 गुना की बढ़ोतरी। उन्होंने कहा कि इस डील से किसानों और आत्मनिर्भरता पर बुरा असर पड़ेगा।
इंडिया गठबंधन कर सकता था बेहतर डील
राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया गठबंधन ट्रंप के साथ बातचीत को बेहतर ढंग से कर सकता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समीकरण में सबसे महत्वपूर्ण भारतीय डेटा है, जो डॉलर को प्रोटेक्ट कर सकता है। राहुल ने कहा कि अगर हम राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बातचीत कर रहे होते, तो हम कहते कि भारतीय डेटा सबसे महत्वपूर्ण एसेट है जो डॉलर को प्रोटेक्ट कर सकती है।
तीन शर्तें रखते हम
राहुल ने कहा कि अगर इंडिया अलायंस अमेरिका के साथ बातचीत करता तो तीन शर्तें रखता:
1. ट्रंप भारत से बराबरी पर बात करें, न कि अधीनस्थ की तरह।
2. भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करेगा।
3. अमेरिका अपने किसानों की रक्षा करे, लेकिन भारत भी अपने किसानों की रक्षा करेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के गरीब किसानों को कुचलने के दरवाजे खोल दिए हैं। राहुल ने कपड़ा इंडस्ट्री को 'खत्म' बताते हुए कहा कि महंगाई से गरीब परिवार अपनी बेटी की विदाई तक नहीं कर पाएंगे। उन्होंने गंगा और यमुना की हालत का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 11 साल से गंगा ने किसी को नहीं बुलाया।
ट्रेड डील की पृष्ठभूमि
भारत और अमेरिका के बीच फरवरी की शुरुआत में व्यापारिक समझौता हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगने वाले पारस्परिक शुल्क को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। इसके अलावा, भारत के रूसी तेल की खरीद को लेकर लगाए गए 25% अतिरिक्त शुल्क को भी हटा दिया गया है। लेकिन राहुल गांधी ने इसे किसानों और आत्मनिर्भरता के खिलाफ बताया।
बजट को भी घेरा
राहुल ने बजट को 'दिशाहीन' बताते हुए कहा कि इसमें पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने पूछा, "डील पहले बनी या बजट?" राहुल ने कहा कि सरकार के पास कोई विजन नहीं है और 2047 तक विकसित भारत बनाने का दावा खोखला है। उन्होंने कहा कि 10-11 साल से बजट आ रहे हैं, लेकिन पेर कैपिटा इनकम नहीं बढ़ रही। यूपी के लिए कुछ खास नहीं है।
