प्रशांत किशोर की अफसरों संग बैठक पर सियासी चर्चा, बोले- ‘कोई डर या Aura की बात नहीं’
Patna : बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर जन सुराज पार्टी के इकलौते विधायक बने प्रशांत किशोर की वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। बैठक में मुख्यमंत्री स्तर के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठने के बाद प्रशांत किशोर ने खुद सफाई दी है।
‘अधिकारी समय दे रहे हैं, यह उनका बड़प्पन’
प्रशांत किशोर ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के उनसे मिलने के पीछे किसी तरह के डर या Aura की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने समय दिया, यह उनका बड़प्पन है।
उन्होंने कहा कि बांकीपुर की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से बातचीत हुई है। मीडिया में जिस तरह से इसे दिखाया जा रहा है, वैसा कोई मामला नहीं है। उनका मकसद सिर्फ इतना है कि बांकीपुर के लोगों की समस्याओं का समाधान हो और उनका काम हो।
‘ये वन-अपमैनशिप की लड़ाई नहीं’
प्रशांत किशोर ने कहा कि अधिकारियों से मुलाकात को प्रतिष्ठा की लड़ाई के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह मुख्य सचिव से लेकर थानेदार या संबंधित विभाग के निचले स्तर के अधिकारियों तक से मिलने जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें बड़ा या छोटा होने की कोई बात नहीं है। जरूरी यह है कि जनता की समस्याओं का समाधान हो।
चीफ सेक्रेटरी और DGP समेत कई अधिकारी हुए शामिल
जानकारी के मुताबिक, प्रशांत किशोर की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यह बैठक 27 अगस्त की देर शाम पटना में हुई थी। बैठक में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, DGP विनय कुमार, परिवहन विभाग और नगर विकास विभाग के सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ पटना नगर निगम के कमिश्नर भी मौजूद रहे।
राजनीतिक गलियारों में क्यों हो रही चर्चा?
आमतौर पर विधायक अधिकारियों से अपनी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने की बात कहते रहे हैं। ऐसे में एक नए विधायक के साथ मुख्य सचिव, DGP और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की तस्वीर ने राजनीतिक चर्चा को हवा दे दी है।
हालांकि प्रशांत किशोर ने इसे अपनी राजनीतिक हैसियत से जोड़ने से इनकार किया है। उन्होंने साफ कहा कि बैठक का उद्देश्य बांकीपुर की समस्याओं का समाधान कराना है, न कि किसी तरह की राजनीतिक श्रेष्ठता दिखाना।
