सोना न खरीदने और पेट्रोल बचाने की PM मोदी की अपील पर गरमाई सियासत, भड़के राहुल गांधी, बोले- ये सलाह नहीं...
प्रधानमंत्री नरेमद्र मोदी (Narendra Modi) की देशवासियों से की गई अपील पर अब राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। ईरान युद्ध और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से सोना कम खरीदने, विदेश यात्राएं सीमित करने, पेट्रोल-डीजल की बचत करने और कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम बढ़ाने की अपील की थी।
अब इस बयान पर Rahul Gandhi ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता ने इसे सरकार की नाकामी का संकेत बताया।
राहुल गांधी बोले- ‘ये उपदेश नहीं, नाकामी के सबूत’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा,
“मोदी जी ने जनता से त्याग मांगना शुरू कर दिया है—सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं, बल्कि नाकामी के सबूत हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि 12 साल के शासन के बाद सरकार देश को ऐसी स्थिति में ले आई है जहां जनता को यह बताया जा रहा है कि क्या खरीदना है और क्या नहीं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार हर बार जिम्मेदारी जनता पर डालकर खुद जवाबदेही से बचने की कोशिश करती है।
हैदराबाद की रैली में PM मोदी ने की थी अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने Hyderabad में एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से संसाधनों की बचत करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि वैश्विक परिस्थितियों, खासकर ईरान युद्ध के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है, इसलिए ईंधन बचाना जरूरी हो गया है।
उन्होंने लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की भी अपील की। इसके साथ ही कंपनियों से कहा कि वे कोरोना काल की तरह वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग्स को प्राथमिकता दें ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
खाद पर सब्सिडी का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में किसानों को मिलने वाली खाद सब्सिडी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में फर्टिलाइजर की एक बोरी करीब 3000 रुपये में बिक रही है, जबकि भारत सरकार किसानों को वही खाद लगभग 300 रुपये में उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में देशवासियों को संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की आदत डालनी होगी।
बयान को लेकर तेज हुई राजनीतिक बहस
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष इसे आर्थिक चुनौतियों और सरकार की नीतियों से जोड़कर देख रहा है, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने देशहित में जिम्मेदार नागरिक व्यवहार की अपील की है।
अब यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।
