Movie prime

दिल्ली में चुनाव आयोग की ओर तिरंगा मार्च, पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठ गए प्रदर्शनकारी

 
दिल्ली में चुनाव आयोग की ओर तिरंगा मार्च, पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठ गए प्रदर्शनकारी
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

New Delhi : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा लेकर चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। हालांकि, प्रशासन की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के कारण पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन 'पीपल अगेंस्ट SIR' की दिल्ली समन्वय समिति की ओर से किया गया। इसमें छात्र, युवा, किसान, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, SIR के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की भी मांग उठाई। प्रदर्शन में क्रांतिकारी युवा संगठन और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) सहित विभिन्न छात्र संगठनों ने समर्थन दिया। दिल्ली के अलावा हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी कार्यकर्ता मार्च में शामिल हुए।

पुलिस ने रोका मार्च, सड़क पर बैठ गए प्रदर्शनकारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी डाक खाना के पास कालीबाड़ी मार्ग और भाई वीर सिंह मार्ग चौराहे से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए मार्च को रोक दिया। आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलने पर कई प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है।

वृंदा करात समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

विरोध प्रदर्शन में माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन सहित विभिन्न छात्र और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी शामिल हुए। आयोजकों ने प्रदर्शन स्थल पर 'जन संसद' आयोजित करने की बात कही। उनका कहना था कि मताधिकार और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

छात्र संगठन आइसा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रदर्शन की जानकारी साझा करते हुए मताधिकार और विरोध करने के अधिकार की रक्षा की बात कही।

18 राज्यों के 88 शहरों में प्रदर्शन की योजना का दावा

'पीपल अगेंस्ट SIR' अभियान से जुड़े आयोजकों के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों की जानकारी साझा करने के लिए एक वेबसाइट भी शुरू की गई है। संगठन का दावा है कि 18 राज्यों के 88 शहरों में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है, जिसमें 145 संगठन शामिल हैं। अभियान के तहत एक नवंबर तक विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

मध्य दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को भी तैनात किया गया।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इन आशंकाओं को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। निर्वाचन आयोग SIR को मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र मतदाताओं के सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया बताता रहा है।