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राहुल गांधी का आरोप: प्रदर्शन में युवक पर पैलेट गन चली, धर्मेंद्र प्रधान को बताया अपराधी शिक्षा मंत्री
 

 
 राहुल गांधी का आरोप: प्रदर्शन में युवक पर पैलेट गन चली, धर्मेंद्र प्रधान को बताया अपराधी शिक्षा मंत्री
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नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि "धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। वह देश की शिक्षा व्यवस्था के पतन के प्रतीक बन चुके हैं।"

10 जनपथ के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में हजारों छात्र सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री पर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज दोहरा रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के माता-पिता ने अपनी मेहनत की कमाई से बच्चों को पढ़ाया और बेहतर भविष्य का सपना देखा, लेकिन सरकार ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार झूठ बोलना बंद करे क्योंकि उसने देश के भविष्य पर हमला किया है।

छात्रों की तीन मांगें गिनाईं

राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं की तीन प्रमुख मांगें हैं।

पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाया जाए, क्योंकि छात्र उन्हें पेपर लीक और मौजूदा हालात के लिए जिम्मेदार मानते हैं।
दूसरी, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और छर्रे वाली बंदूक के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
तीसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के उन हजारों युवाओं से माफी मांगें, जिन्हें पेपर लीक और उसके बाद हुई घटनाओं से नुकसान उठाना पड़ा।
'सरकार छर्रे वाली बंदूक के इस्तेमाल से इनकार कर रही'

राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार कह रही है कि छर्रे वाली बंदूक का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन घायल छात्र की आंख की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी चोटें छर्रे लगने से ही होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक छात्र की आंख की रोशनी चली गई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि उसकी दृष्टि वापस आ पाएगी या नहीं।

'शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हमला हुआ'

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों युवाओं पर कथित तौर पर छर्रे वाली बंदूकें चलाई गईं, लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि इन छात्रों की कोई गलती नहीं थी, वे केवल पेपर लीक के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे थे।

पेपर लीक पर सरकार को घेरा

राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं ने पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वर्षों तक मेहनत की, लेकिन परीक्षा का पेपर लीक होने से उनका भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के पास 60-70 लाख रुपये थे, वे कथित तौर पर प्रश्नपत्र खरीद सके, जबकि ईमानदारी से तैयारी करने वाले लाखों छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा।