Movie prime

INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद राहुल गांधी का बड़ा ऐलान, बोले- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन; मोदी-शाह पर साधा निशाना
 

 
 INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद राहुल गांधी का बड़ा ऐलान, बोले- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन; मोदी-शाह पर साधा निशाना
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार (13 अक्टूबर) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान विपक्ष ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।

बैठक के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अलग-अलग नहीं, बल्कि एकजुट होकर लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा विपक्ष की प्रमुख मांग है।

राहुल गांधी बोले- यह लोकतंत्र को बहाल करने का आंदोलन

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, "हम यहां एकजुट होकर खड़े हैं। यह अलग-अलग नहीं, एक ही आंदोलन है। यह लोकतंत्र को फिर से बहाल करने वाला आंदोलन है। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा ही हमारा लक्ष्य है।"

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया को कमजोर किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने वालों को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन से जुड़ी पाबंदियों का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। विपक्ष सरकार के उन फैसलों को चुनौती देगा, जो उसके अनुसार नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करते हैं।

खरगे का दावा- दिल्ली में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में जुटे लोग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्ष के प्रदर्शन को सफल बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं और आम नागरिकों ने इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोग अपनी पहल पर लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में एकजुट हुए हैं।

खरगे ने कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने जनता से जुड़े मुद्दों को पूरी गंभीरता से उठाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित 'वोट चोरी' की योजना का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष इसे जनता के सामने उजागर करने के लिए तैयार है।

तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर चुनाव आयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हैं। उन्होंने महात्मा गांधी, राममनोहर लोहिया और भगत सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष अपना संघर्ष जारी रखेगा और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।

सुप्रिया सुले बोलीं- दिल्ली से लेकर जमीनी स्तर तक जारी रहेगा संघर्ष

एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि INDIA ब्लॉक पूरी मजबूती के साथ एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में संविधान और नागरिकों को मिले अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

सुले ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा संविधान के माध्यम से नागरिकों को दिए गए अधिकारों की रक्षा करना विपक्ष की प्राथमिकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर भी जारी रहेगा। विपक्ष सभी संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेगा।

राहुल गांधी के आवास पर जुटे कई विपक्षी नेता

मंगलवार को राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं, विपक्षी सांसदों, छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को अपने आवास पर चाय पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया था।

इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास समेत कई नेता शामिल हुए।

बैठक से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी थी कि चाय पर चर्चा के बाद सभी विपक्षी नेता एक साथ मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा था कि विभिन्न स्थानों पर हो रहे विरोध प्रदर्शन एक ही व्यापक आंदोलन का हिस्सा हैं।

इमरान मसूद बोले- ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बैठक को लेकर कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से नागरिकों के मतदान के अधिकार पर खतरा पैदा हो रहा है।

समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि विपक्ष जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के साथ चुनाव आयोग की व्यवस्था में भी बदलाव किया जाए।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाला गया था मार्च

इससे पहले सोमवार (12 अक्टूबर) को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला था।

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाले गए इस मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले रोक दिया था।

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और इससे पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित हुए हैं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है।

सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष की याचिका पर रजिस्ट्री ने बताईं 14 खामियां

विरोध प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और INDIA ब्लॉक के नौ अन्य नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में रजिस्ट्री ने 14 प्रक्रियागत खामियां बताई हैं।

इनमें आवश्यक दस्तावेजों और वकालतनामों की कमी, कुछ दस्तावेजों की अस्पष्ट प्रतियां तथा न्यायालय शुल्क में कमी जैसी आपत्तियां शामिल हैं। इसी वजह से मंगलवार को याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी।

मुख्य चुनाव आयुक्त को पक्षकार बनाने पर भी उठे सवाल

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से यह स्पष्ट करने को कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को व्यक्तिगत रूप से प्रतिवादी क्यों बनाया गया है।

याचिका में एसआईआर के दौरान लिए गए फैसलों, मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की गई है। विपक्ष ने मतदाता सूची के स्वतंत्र ऑडिट और कथित अनियमितताओं की जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित करने की भी मांग की है।

हालांकि, रजिस्ट्री की आपत्तियां प्रक्रियागत हैं। इन्हें याचिका में लगाए गए आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। विपक्षी नेताओं ने खामियों को दूर करने की बात कही है।

इस बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने याचिका में खामियां मिलने को लेकर कांग्रेस की आलोचना की है। वहीं, भाजपा ने विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष, आगे भी जारी रहेगा आंदोलन

राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक के बाद INDIA ब्लॉक ने संकेत दिया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा।

विपक्ष एक ओर सड़क पर प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगें उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से निर्वाचन आयोग के फैसलों को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की आपत्तियों को कब तक दूर करता है और याचिका पर सुनवाई की प्रक्रिया कब आगे बढ़ती है।