Movie prime

संसद मार्ग थाने पर राहुल गांधी का धरना: पैलेट गन से घायल छात्र की FIR दर्ज नहीं होने पर प्रदर्शन
 

 
 संसद मार्ग थाने पर राहुल गांधी का धरना: पैलेट गन से घायल छात्र की FIR दर्ज नहीं होने पर प्रदर्शन
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले महीने प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन फायरिंग में घायल छात्र साहिल लोचाव के साथ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग पुलिस थाने स्थित DCP कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा भी मौजूद रहीं। राहुल गांधी ने छात्र की लिखित शिकायत पर FIR दर्ज करने और शिकायत का I/O नंबर उपलब्ध कराने की मांग की। FIR दर्ज नहीं होने पर राहुल गांधी DCP कार्यालय में ही धरने पर बैठ गए।

कांग्रेस के मुताबिक, साहिल लोचाव ने 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि पुलिस ने शिकायत पर I/O नंबर या पावती उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए भी मामले को उठाया गया, लेकिन शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई।

राहुल गांधी ने मांग की कि शिकायत को औपचारिक रूप से दर्ज किया जाए और मामले में कार्रवाई करने वाले अधिकारी की जानकारी के साथ I/O नंबर उपलब्ध कराया जाए। कांग्रेस का आरोप है कि शिकायत संज्ञेय अपराध से संबंधित होने के बावजूद दिल्ली पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने गठित की पांच सदस्यीय कमेटी

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और पुलिस व सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जांच के लिए पांच सदस्यीय हाई पावर एक्सपर्ट कमेटी गठित की है।

कमेटी यह जांच करेगी कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने जरूरत से ज्यादा या अनुचित बल का इस्तेमाल तो नहीं किया। जांच में पैलेट गन, लाठी, बिजली के डंडे और आंसू गैस के इस्तेमाल की परिस्थितियों को भी शामिल किया गया है।

20 जुलाई को हुआ था टकराव

दरअसल, 20 जुलाई को छात्रों के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने का आरोप लगाया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान अधिकतम संयम बरता गया और आवश्यकता के अनुसार न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया।

पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए जंतर-मंतर पर तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के गोला-बारूद का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। वहीं, CRPF ने भी कथित पैलेट फायरिंग को लेकर आंतरिक जांच शुरू की है।