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167 करोड़ में बिकी राजा रवि वर्मा की ‘यशोदा-कृष्ण’ पेंटिंग, भारत की सबसे महंगी कलाकृति बनी
 

 
 167 करोड़ में बिकी राजा रवि वर्मा की ‘यशोदा-कृष्ण’ पेंटिंग, भारत की सबसे महंगी कलाकृति बनी
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नई दिल्ली: भारत के महान चित्रकार राजा रवि वर्मा की एक ऐतिहासिक पेंटिंग ‘यशोदा और कृष्ण’ ने नीलामी में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। यह पेंटिंग 167.20 करोड़ रुपये में बिकी, जो अब तक की किसी भी भारतीय कलाकृति की सबसे ऊंची कीमत है।

इस बहुमूल्य पेंटिंग को साइरस पूनावाला ने खरीदा, जो वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मालिक हैं। यह नीलामी 1 अप्रैल को मुंबई में सैफ्रॉन आर्ट की स्प्रिंग लाइव ऑक्शन के दौरान आयोजित हुई, जहां महज सात मिनट की बोली में अरबपतियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

टूटा पुराना रिकॉर्ड

इससे पहले भारत की सबसे महंगी पेंटिंग का रिकॉर्ड एम.एफ. हुसैन की ‘Untitled (Gram Yatra)’ के नाम था, जो 2025 में 118 करोड़ रुपये में बिकी थी। लेकिन राजा रवि वर्मा की इस कृति ने उस रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया।

अनुमान से दोगुनी कीमत

इस पेंटिंग की अनुमानित कीमत 80 से 120 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई थी, लेकिन अंतिम बोली में यह लगभग दोगुनी कीमत पर बिकी। साइरस पूनावाला ने इसे खरीदना अपने लिए “सम्मान और कर्तव्य” बताया और कहा कि इस धरोहर को समय-समय पर जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा।

क्या है पेंटिंग की खासियत?

‘यशोदा और कृष्ण’ पेंटिंग में मां यशोदा को गाय का दूध निकालते हुए दिखाया गया है, जबकि बाल रूप में भगवान कृष्ण पीछे से दूध के पात्र की ओर हाथ बढ़ाते नजर आते हैं। यह दृश्य भारतीय पारिवारिक और आध्यात्मिक जीवन की झलक को बेहद जीवंत तरीके से प्रस्तुत करता है।

कौन थे राजा रवि वर्मा?

राजा रवि वर्मा का जन्म 1848 में त्रावणकोर के किलिमानूर में हुआ था। उन्हें आधुनिक भारतीय कला का अग्रदूत माना जाता है। उन्होंने भारतीय पौराणिक विषयों को यूरोपीय शैली की ऑयल पेंटिंग के साथ जोड़कर एक नई पहचान दी।

1894 में उन्होंने एक लिथोग्राफिक प्रेस भी शुरू किया, जिससे उनके बनाए देवी-देवताओं के चित्र आम लोगों तक पहुंच सके। यही कारण है कि आज भी उनकी कला भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।