सपा की बागी विधायक पूजा पाल को योगी कैबिनेट में नहीं मिली जगह, अखिलेश ने किया तंज, बोले- जो धोखा देकर गए…
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को हुए कैबिनेट विस्तार में छह नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, लेकिन कौशांबी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल (Pooja Pal) को जगह नहीं मिलने पर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पूजा पाल का नाम मंत्री पद के लिए काफी चर्चा में था, लेकिन अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया। अब इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने भाजपा और पूजा पाल दोनों पर तंज कसा है।
सपा का हमला- ‘जो हमारे ना हो सके, वो आपके क्या होंगे’
Samajwadi Party ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं की बात करने वाली भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार में पूजा पाल और अन्य ‘भागी’ विधायकों को जगह नहीं दी।
सपा ने अपने बयान में कहा, जो धोखा देकर गए हैं, वो किसी के वफादार क्या होंगे। जो हमारे ना हो सके, वो आपके क्या होंगे। राजनीतिक गलियारों में इसे भाजपा में शामिल या समर्थन देने वाले नेताओं को लेकर सपा का बड़ा हमला माना जा रहा है।
आखिरी समय में कटा नाम?
सूत्रों के मुताबिक पूजा पाल को मंत्री बनाए जाने की चर्चा काफी तेज थी। माना जा रहा था कि सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें योगी सरकार में जगह मिल सकती है। हालांकि अंतिम समय में उनका नाम सूची से हटा दिया गया। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्यपाल Anandiben Patel से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अंतिम सूची सौंपी थी।
किन नेताओं को मिली मंत्री पद की शपथ?
लखनऊ स्थित जन भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में Manoj Pandey और Bhupendra Chaudhary को मंत्री बनाया गया। इसके अलावा हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत, कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर को राज्य मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई।
वहीं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल और ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन देते हुए स्वतंत्र प्रभार का दर्जा दिया गया।
कौन हैं पूजा पाल?
पूजा पाल का राजनीतिक सफर काफी चर्चित रहा है। उनके पति Raju Pal की 2005 में हत्या कर दी गई थी। राजू पाल इलाहाबाद शहर पश्चिमी सीट से बसपा विधायक थे और उन्होंने उपचुनाव में Ashraf Ahmed को हराया था।
पति की हत्या के बाद पूजा पाल ने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और 2007 व 2012 में बसपा के टिकट पर विधायक बनीं। 2017 में हार के बाद वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं और 2022 में चायल सीट से विधायक चुनी गईं। हालांकि राज्यसभा चुनाव में भाजपा के समर्थन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करने के आरोपों के बाद सपा ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए बाहर कर दिया था।
