Movie prime

दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में मंत्री कपिल मिश्रा को राहत, FIR दर्ज कराने की मांग खारिज

 
दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में मंत्री कपिल मिश्रा को राहत, FIR दर्ज कराने की मांग खारिज
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

New Delhi : साल 2020 में हुए दिल्ली दंगे से जुड़े एक मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इस स्तर पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश देना उचित नहीं है।

याचिका में क्या आरोप लगाए गए थे

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान कथित भूमिका को लेकर कपिल मिश्रा और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि 23 फरवरी 2020 को कर्दमपुरी इलाके में कपिल मिश्रा और कुछ अन्य लोग सड़क जाम कर रहे थे और रेहड़ी-पटरी वालों के ठेले तोड़ रहे थे। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया था कि उस समय वहां पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को क्या बताया

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि दंगों से जुड़े मामलों में पहले ही व्यापक जांच की जा चुकी है और उपलब्ध रिकॉर्ड में कपिल मिश्रा की भूमिका का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। पुलिस के अनुसार दंगों से संबंधित दर्ज सैकड़ों एफआईआर में भी उनका नाम सामने नहीं आया।

2020 के दंगों में 53 लोगों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा को 2020 दिल्ली दंगे के नाम से जाना जाता है। करीब एक सप्ताह तक चले इस दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इस दौरान बड़े पैमाने पर आगजनी और हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। बाद में पुलिस ने दंगों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था।