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आरक्षण हटाओ आंदोलन से RHA संस्थापक वेदांश त्यागी का किनारा, बोले- चर्चा शुरू करना था उद्देश्य, नेतृत्व करना नहीं
 

 
 आरक्षण हटाओ आंदोलन से RHA संस्थापक वेदांश त्यागी का किनारा, बोले- चर्चा शुरू करना था उद्देश्य, नेतृत्व करना नहीं
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मेरठ। आरक्षण के खिलाफ सोशल मीडिया पर शुरू किए गए 'रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन (RHA)' पेज के संस्थापक वेदांश त्यागी ने अब खुद को इस पहल से अलग कर लिया है। वेदांश का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल आरक्षण और जातिवाद जैसे मुद्दों पर समाज में चर्चा शुरू करना था, न कि किसी आंदोलन का नेतृत्व करना।

वेदांश त्यागी ने बताया कि उन्होंने यह पेज इसी सोच के साथ शुरू किया था कि आरक्षण व्यवस्था और जातिगत भेदभाव को लेकर देशभर में संवाद हो। उनका दावा है कि इस पहल के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं और चर्चा तेज हुई।

उन्होंने कहा कि अब वह इस आंदोलन को आगे चलाने की जिम्मेदारी नहीं ले सकते, क्योंकि उनका ध्यान फिलहाल शेयर बाजार से जुड़े अपने काम पर है। वेदांश ने बताया कि पेज को अब अजीत भारती, नेहा दास, अनुराधा तिवारी और प्रो. आनंद रंगनाथन को सौंप दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह आगे इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

RHA पेज पर 58 लाख फॉलोअर्स

वेदांश त्यागी मेरठ के चाणक्यपुरी के रहने वाले हैं और आरएसएस स्वयंसेवक नीरज त्यागी के पुत्र हैं। आरक्षण हटाओ आंदोलन (RHA) के इंस्टाग्राम पेज पर इस समय करीब 58 लाख फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं।

वेदांश ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं और न ही किसी संगठन के कार्यकर्ता हैं। उनका मकसद सिर्फ समाज में एक बहस शुरू करना था। उन्होंने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि यह किसी व्यक्ति की छवि चमकाने का अभियान नहीं है, बल्कि समाज की वास्तविकताओं पर चर्चा का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे लोगों की जरूरत है जिनके पास इस विषय की अधिक जानकारी, आंकड़े और समय हो। इसलिए उन्होंने जिम्मेदारी दूसरे लोगों को सौंप दी है।

अब कौन संभालेंगे आंदोलन की कमान?

अजीत भारती:
अजीत भारती स्वतंत्र पत्रकार और लेखक हैं। वह मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं और नोएडा में रहते हैं। वह सोशल मीडिया पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय के लिए जाने जाते हैं।

प्रो. आनंद रंगनाथन:
आनंद रंगनाथन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में वैज्ञानिक, प्रोफेसर और लेखक हैं। वह कई मीडिया डिबेट्स में सक्रिय रहे हैं और लंबे समय से आरक्षण नीति पर अपनी राय रखते रहे हैं।

अनुराधा तिवारी:
अनुराधा तिवारी डिजिटल मार्केटिंग कंपनी की सीईओ हैं। वह हाल में अपने कुछ सोशल मीडिया बयानों को लेकर चर्चा में आई थीं।

नेहा दास:
नेहा दास सामाजिक कार्यकर्ता हैं और सोशल मीडिया पर आरक्षण विरोधी विचारों को लेकर सक्रिय रही हैं। उनके वीडियो और पोस्ट पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं आती रही हैं।