Movie prime

संघ प्रमुख मोहन भागवत की शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, टूटा कोच का शीशा; बाल-बाल बचे भागवत
 

 
 संघ प्रमुख मोहन भागवत की शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव, टूटा कोच का शीशा; बाल-बाल बचे भागवत
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

फिरोजाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत गुरुवार शाम उस समय बाल-बाल बच गए, जब कानपुर से नई दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव कर दिया गया। पत्थर सीधे उस कोच पर आकर लगा, जिसमें मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे। घटना में कोच की खिड़की का शीशा टूट गया, हालांकि भागवत पूरी तरह सुरक्षित हैं।

जानकारी के अनुसार, मोहन भागवत शताब्दी एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव क्लास के E-1 कोच में सफर कर रहे थे। ट्रेन जब मक्खनपुर और फिरोजाबाद स्टेशन के बीच से गुजर रही थी, तभी अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पथराव कर दिया। एक पत्थर सीधे भागवत के कोच की खिड़की से टकराया, जिससे शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गईं। सुरक्षा कारणों से ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका गया और उसे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टूंडला जंक्शन तक पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ टूंडला जंक्शन पर पहुंच गए।

शाम 7:34 बजे शताब्दी एक्सप्रेस के टूंडला जंक्शन पहुंचते ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। अधिकारियों ने कोच का निरीक्षण किया और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को शाम 7:41 बजे नई दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं, आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों ने मक्खनपुर-फिरोजाबाद रेलखंड के आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पथराव करने वालों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

इससे पहले मोहन भागवत गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे कानपुर में पूर्व भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी की बड़ी बेटी नीतू सिंह की पुत्री वसुंधरा के आशीर्वाद समारोह में शामिल हुए थे। वसुंधरा और यश का विवाह 21 जून को होना है। समारोह में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मंत्री सूर्यप्रताप शाही, योगेंद्र उपाध्याय, भूपेंद्र चौधरी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मोहन भागवत ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। कार्यक्रम को देखते हुए कानपुर में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। समारोह में कुछ समय बिताने के बाद भागवत शताब्दी एक्सप्रेस से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए थे, जहां रास्ते में यह घटना सामने आई।