राहुल गांधी के आरोपों पर संबित पात्रा का पलटवार, बोले- झारखंड के छात्रों का दर्द समझें, मासूमों के कंधे पर बंदूक...
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों के मुद्दों पर "चुनिंदा राजनीति" कर रहे हैं और झारखंड के युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
संबित पात्रा ने कहा, "झारखंड के बच्चे भी बच्चे ही हैं। वे भी विरोध कर रहे हैं। राहुल गांधी को उनसे भी बात करनी चाहिए और उनका दर्द समझना चाहिए। चुनिंदा रवैये के कारण झारखंड के युवाओं के साथ हो रहे अन्याय के मुद्दे को वे अपनी सुविधा के अनुसार दबा रहे हैं। आखिर वे झारखंड क्यों नहीं जा रहे हैं?"
'राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा फैला रहे हैं'
भाजपा सांसद ने कहा कि उनकी प्रेस ब्रीफिंग राहुल गांधी के लिए है, छात्रों के खिलाफ नहीं। उन्होंने कहा कि देश के बच्चे भारत का भविष्य हैं और उन्हें किसी भी तरह से डरने की जरूरत नहीं है।
पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम उस झूठी कहानी और 'झूठ के पुलिंदे' को बेनकाब करना चाहते हैं, जिसे राहुल गांधी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।"
जंतर-मंतर फायरिंग के आरोपों पर क्या बोले?
20 तारीख को दिल्ली में हुए 'संसद मार्च' प्रदर्शन के दौरान कथित फायरिंग के आरोपों पर संबित पात्रा
ने कहा कि भाजपा पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि जंतर-मंतर पर कोई गोली नहीं चली थी। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है और इस पर तथ्यों के आधार पर ही बात होनी चाहिए।
अमित शाह की संसद में मौजूदगी पर भी दिया जवाब
राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में अनुपस्थिति पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए पात्रा ने कहा कि विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हो जाती है। उन्होंने कहा, "जिस मंत्रालय से संबंधित चर्चा होती है, उस विभाग के मंत्री सदन में मौजूद रहते हैं। गृह मंत्रालय पर चर्चा होगी तो अमित शाह निश्चित रूप से सदन में रहेंगे।
'बच्चों को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश गलत'
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चाहे कोई मुस्कान शर्मा हो या मुस्कान खान, दोनों इस देश की बेटियां हैं और सभी नागरिक समान हैं। उन्होंने कहा, "'सबका साथ, सबका विश्वास, सबका विकास' की भावना के साथ देश आगे बढ़ रहा है। बच्चों को धार्मिक आधार पर बांटने की कोई भी कोशिश गलत है और उसका समर्थन नहीं किया जा सकता।"
