1.25 लाख की स्कॉलरशिप, ₹2 लाख तक फीस फ्री और लैपटॉप भी! जानें PM यशस्वी योजना
पढ़ाई में प्रतिभाशाली होने के बावजूद आर्थिक परेशानी के कारण अगर किसी छात्र की शिक्षा प्रभावित हो रही है, तो केंद्र सरकार की पीएम यशस्वी योजना उसके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की इस योजना के तहत OBC, EBC और DNT वर्ग के मेधावी छात्रों को शिक्षा के अलग-अलग स्तरों पर आर्थिक सहायता दी जाती है।
पीएम यशस्वी योजना के तहत कक्षा 9वीं से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ने वाले पात्र छात्रों के लिए अलग-अलग स्कॉलरशिप का प्रावधान है। योजना के विभिन्न घटकों के तहत 1.25 लाख रुपये तक की छात्रवृत्ति, ट्यूशन फीस में सहायता, रहने-खाने का खर्च, किताबों के लिए राशि और कुछ मामलों में लैपटॉप या कंप्यूटर जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं। कॉलेज स्तर पर पात्र छात्रों को निजी संस्थानों में ट्यूशन फीस के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता और पायलट ट्रेनिंग के लिए 3.72 लाख रुपये तक का प्रावधान बताया गया है।
क्या है पीएम यशस्वी योजना?
पीएम यशस्वी यानी PM Young Achievers Scholarship Award Scheme for Vibrant India for OBCs and Others (PM-YASASVI) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की योजना है। इसका उद्देश्य OBC, EBC और DNT वर्ग के मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बेहतर शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
योजना के तहत शिक्षा के विभिन्न स्तरों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। इसके प्रमुख पांच घटक हैं—
प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप
पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप
टॉप क्लास स्कूल एजुकेशन
टॉप क्लास कॉलेज एजुकेशन
छात्रों और छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण
योजना का उद्देश्य
पीएम यशस्वी योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर OBC, EBC और DNT वर्ग के छात्रों को पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता देना है। इसके जरिए मेधावी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने और उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने का अवसर देने पर जोर दिया गया है।
कितनी मिलती है स्कॉलरशिप?
1. प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप
कक्षा 9वीं और 10वीं में पढ़ने वाले पात्र छात्रों को इस घटक के तहत 4,000 रुपये सालाना की आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
2. पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप
10वीं के बाद अलग-अलग पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों को कोर्स के आधार पर सहायता दी जाती है। प्रमुख श्रेणियां इस प्रकार हैं—

3. टॉप क्लास स्कूल एजुकेशन
इस घटक के तहत चिन्हित टॉप क्लास स्कूलों में पढ़ने वाले पात्र छात्रों को कक्षा के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाती है।
कक्षा 9वीं और 10वीं: ₹75,000 तक
कक्षा 11वीं और 12वीं: ₹1,25,000 तक
इसमें छात्राओं के लिए कम से कम 30 प्रतिशत छात्रवृत्ति आरक्षित होने का प्रावधान है। छात्रों का चयन निर्धारित पात्रता और पिछली कक्षा के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।
4. टॉप क्लास कॉलेज एजुकेशन
कॉलेज और उच्च शिक्षा के स्तर पर योजना के तहत पात्र छात्रों को कई तरह की आर्थिक सहायता मिल सकती है। इसमें—
निजी संस्थानों के लिए 2 लाख रुपये तक की ट्यूशन फीस की सहायता
निजी फ्लाइंग क्लब से पायलट ट्रेनिंग के लिए 3.72 लाख रुपये तक की सहायता
रहने और खाने के लिए 3,000 रुपये प्रति माह
किताबों और स्टेशनरी के लिए 5,000 रुपये
करीब 45,000 रुपये तक के लैपटॉप/कंप्यूटर और संबंधित सामान के लिए सहायता का प्रावधान शामिल है।
हालांकि, इन लाभों के लिए संस्थान, पाठ्यक्रम, पात्रता और योजना के निर्धारित नियमों को पूरा करना जरूरी है।
कौन कर सकता है आवेदन?
पीएम यशस्वी योजना का लाभ लेने के लिए सामान्य तौर पर—
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- छात्र OBC, EBC या DNT वर्ग से संबंधित होना चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। योजना के संबंधित प्रावधानों में ₹2.5 लाख तक की पारिवारिक आय की सीमा दी गई है।
- छात्र को संबंधित कक्षा या पाठ्यक्रम की पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
- एक ही पाठ्यक्रम को दोबारा करने पर छात्रवृत्ति नहीं मिलने का प्रावधान है।
- यदि छात्र किसी अन्य छात्रवृत्ति का लाभ ले रहा है, तो योजना के नियमों के अनुसार एक छात्रवृत्ति का चयन करना पड़ सकता है।
- एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को छात्रवृत्ति का लाभ दिए जाने का प्रावधान है।
अलग-अलग स्तर पर अलग नियम
योजना के प्रत्येक घटक के लिए पात्रता अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए सरकारी स्कूल में कक्षा 9वीं या 10वीं की नियमित पढ़ाई जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं।
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में कोर्स और शैक्षणिक स्तर के अनुसार नियम अलग हैं। वहीं टॉप क्लास कॉलेज एजुकेशन में पिछली कक्षा में पास होना जरूरी है। यदि प्रथम वर्ष के लिए निर्धारित सीटें खाली रह जाती हैं, तो नियमों के अनुसार दूसरे, तीसरे या चौथे वर्ष के छात्रों को भी शामिल किया जा सकता है। पढ़ाई में असफल होने पर छात्रवृत्ति रोकी जा सकती है।
स्कॉलरशिप का पैसा कैसे मिलेगा?
योजना के तहत छात्रवृत्ति की राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। उपलब्ध योजना प्रावधानों के अनुसार भुगतान निर्धारित किस्तों में किया जाता है और हर साल 15 अगस्त से पहले राशि जारी करने का प्रावधान है।
पीएम यशस्वी योजना में आवेदन कैसे करें?
पात्र OBC, EBC और DNT छात्र राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया broadly इस प्रकार है—
Step 1: रजिस्ट्रेशन
सबसे पहले राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर जाएं और Applicant Corner में जाकर New Registration विकल्प चुनें।
इसके बाद दिए गए दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और रजिस्ट्रेशन के लिए मांगी गई जानकारी भरें। सफल रजिस्ट्रेशन के बाद आपको आवेदन के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड मिलेगा।
Step 2: ऑनलाइन आवेदन
रजिस्ट्रेशन के बाद NSP पोर्टल पर लॉगिन करें। संबंधित छात्रवृत्ति योजना का चयन करके आवेदन फॉर्म भरें।
इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन को सबमिट करें। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित स्कूल या संस्थान के नोडल अधिकारी द्वारा ऑनलाइन सत्यापन किया जा सकता है। इसके बाद राज्य स्तर पर भी आवेदन का सत्यापन किया जाता है।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?
आवेदन के दौरान सामान्य तौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है—
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- पिछली कक्षा की मार्कशीट या शैक्षणिक प्रमाणपत्र
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति/समुदाय प्रमाण पत्र
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
- बैंक खाते की जानकारी
- योजना के नियमों के अनुसार अन्य जरूरी दस्तावेज
- छात्राओं के लिए भी खास प्रावधान
पीएम यशस्वी योजना में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। टॉप क्लास स्कूल एजुकेशन के तहत कम से कम 30 प्रतिशत छात्रवृत्ति छात्राओं के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान है।
ध्यान रखें ये जरूरी बातें
पीएम यशस्वी योजना में आवेदन करने से पहले छात्र को अपनी कैटेगरी, पारिवारिक आय, स्कूल या कॉलेज की पात्रता और संबंधित कोर्स के नियम जरूर जांच लेने चाहिए। सभी छात्रों को एक समान राशि नहीं मिलती, बल्कि कक्षा, पाठ्यक्रम और योजना के घटक के आधार पर सहायता की राशि अलग-अलग होती है।
