7 साल बाद कश्मीर पहुंचे अमेरिकी राजदूत Sergio Gor, उमर अब्दुल्ला ने कहा- वॉशिंगटन हमारी समस्या हल नहीं करेगा
श्रीनगर: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बुधवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद किसी अमेरिकी राजदूत का यह जम्मू-कश्मीर का पहला दौरा है। यह यात्रा 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक के बाद सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच जम्मू-कश्मीर की प्राथमिकताओं और भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। उन्होंने दोनों देशों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करने की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उमर अब्दुल्ला बोले- कश्मीर की समस्या वॉशिंगटन हल नहीं करेगा
अमेरिकी राजदूत के दौरे से पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस यात्रा को लेकर ज्यादा उम्मीदें नहीं जताई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी राजदूत के सामने कश्मीर से जुड़े मुद्दों को लेकर शिकायतें रखने के बजाय उनकी बात सुनना पसंद करेंगे।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर की समस्याओं का समाधान वॉशिंगटन नहीं, बल्कि केंद्र सरकार करेगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार बनने के बाद से उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग लगातार उठाते रहे हैं।
सात साल बाद अमेरिकी दूत का कश्मीर दौरा
सर्जियो गोर का कश्मीर दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटे जाने के करीब सात साल बाद यह यात्रा हुई है।
यह किसी मौजूदा अमेरिकी राजदूत और जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री के बीच 15 साल से अधिक समय बाद पहली मुलाकात भी है। इससे पहले 2011 में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर ने उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। वहीं, कश्मीर की आखिरी स्वतंत्र अमेरिकी राजदूत यात्रा 2018 में केनेथ जस्टर ने की थी।
एलजी से भी मिलेंगे सर्जियो गोर
सर्जियो गोर अपने दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह गुरुवार को लद्दाख जाएंगे। उनके कश्मीर प्रवास के दौरान व्यापारिक संगठनों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की संभावना भी जताई जा रही है, हालांकि इन बैठकों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गोर का यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच लगातार मजबूत हो रहे रणनीतिक संबंधों के बीच हो रहा है। हाल में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत की थी।
आर्थिक सहयोग पर भी रहेगा जोर
सर्जियो गोर ने उमर अब्दुल्ला के साथ मुलाकात के बाद आर्थिक सहयोग को चर्चा का प्रमुख विषय बताया। माना जा रहा है कि यह दौरा सिर्फ राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर में आर्थिक अवसरों और निवेश की संभावनाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
