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Sikkim Earthquake: भूकंप के झटके से हिली सिक्किम की धरती, रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई तीव्रता

 
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गंगटोक। सिक्किम में रविवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। National Centre for Seismology (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 4.1 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई।

भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई गई है।

सिक्किम में बार-बार क्यों आता है भूकंप?

विशेषज्ञों के अनुसार, सिक्किम में भूकंप आना सामान्य बात है और इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं।

सबसे बड़ा कारण है टेक्टोनिक प्लेट्स का टकराव। पृथ्वी कई बड़ी प्लेट्स में बंटी हुई है और सिक्किम उस जगह पर स्थित है, जहां इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकराती हैं। यही टकराव हिमालय पर्वत के निर्माण की वजह बना और आज भी यह प्रक्रिया जारी है।

हिमालयी क्षेत्र अभी पूरी तरह स्थिर नहीं

सिक्किम हिमालयी क्षेत्र में आता है, जो भूगर्भीय रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है। यहां की जमीन अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है, यानी लगातार अंदरूनी हलचल होती रहती है। यही वजह है कि यहां छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं।

फॉल्ट लाइन और भूस्खलन भी बड़ी वजह

सिक्किम और उसके आसपास कई फॉल्ट लाइन (जमीन के अंदर दरारें) मौजूद हैं। जब इन दरारों में दबाव बढ़ता है और अचानक रिलीज होता है, तो भूकंप आता है।

इसके अलावा, भारी बारिश और भूस्खलन भी जमीन को कमजोर करते हैं, जिससे हल्के झटकों की संभावना बढ़ जाती है।

सबसे संवेदनशील जोन में आता है सिक्किम

भूकंप के लिहाज से सिक्किम भारत के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। यह सीस्मिक जोन IV और V में शामिल है, जिसमें जोन V सबसे अधिक खतरे वाला माना जाता है।

हालांकि इस बार भूकंप हल्का था, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों में हमेशा सतर्क रहना जरूरी है। सही तैयारी और जागरूकता से भूकंप के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।