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26 दिन बाद खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन, PM मोदी का आया पहला रिएक्शन

सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल में उन्हें जूस पिलाया। वांगचुक ने बताया कि 65 सांसदों के आग्रह और कई शर्तों पर बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
 
Sonam Wangchuk Hunger Strike
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Sonam Wangchuk Hunger Strike: नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर से शुरू हुई सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की 26 दिन लंबी भूख हड़ताल आखिरकार गुरुवार देर रात समाप्त हो गई। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने कहा कि यह फैसला कई दौर की बातचीत, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों के आग्रह और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए लिया गया है।

आधी रात को खत्म हुआ 26 दिन का अनशन

करीब 26 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात 12 बजे के बाद अपना अनशन समाप्त किया। मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्हें जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया गया।


वांगचुक पिछले कई दिनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती थे और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था।

वांगचुक बोले- 65 सांसदों ने अनशन खत्म करने की अपील की

अनशन समाप्त करने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में सोनम वांगचुक ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय कई महत्वपूर्ण शर्तों पर हुई लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इन शर्तों की पूरी जानकारी वह जल्द ही एक अलग वीडियो संदेश के माध्यम से सार्वजनिक करेंगे। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण रहें और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहें।

PM मोदी ने दी स्वास्थ्य की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह सोनम वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह का पालन करने और जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने का आग्रह करते हैं। प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।


जंतर-मंतर से शुरू हुआ था आंदोलन

सोनम वांगचुक ने 28 जून को नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। वह प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में अनशन पर बैठे थे।

अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर पहले उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया गया, जहां उनका इलाज जारी रहा।

जल्द बताएंगे किन शर्तों पर टूटा अनशन

अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने संकेत दिया कि सरकार और अन्य पक्षों के साथ हुई बातचीत में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी है। हालांकि उन्होंने फिलहाल उन शर्तों का खुलासा नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि बहुत जल्द विस्तृत वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम और अनशन समाप्त करने के पीछे की परिस्थितियों की जानकारी देंगे। फिलहाल उन्होंने सभी समर्थकों से संयम बनाए रखने और आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की है।