Movie prime

क्या सरकार ने वादा तोड़ा? 26 दिन का अनशन खत्म करने के बाद सोनम वांगचुक ने शेयर की तस्वीरें, लगाए बड़े आरोप

26 दिन का अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार पर वादा पूरा न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि मंत्रियों के लिखित आश्वासन के बावजूद कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।

 
े
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

 

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन समाप्त करने के बाद केंद्र सरकार पर अपने वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में उन्हें जो आश्वासन दिए गए थे, उनमें से कई अब तक धरातल पर नहीं उतरे हैं। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

अनशन खत्म करने के समय मिला था लिखित आश्वासन

सोनम वांगचुक ने बताया कि उन्होंने अपना 26 दिन लंबा अनशन सरकार की ओर से मिले लिखित आश्वासनों के बाद समाप्त किया था। उस समय केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे। सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने समेत कई मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाने का भरोसा दिया था।

'वादे पूरे नहीं हुए'—वांगचुक का दावा

वांगचुक का कहना है कि अनशन समाप्त होने के बाद भी सरकार की ओर से किए गए कई अहम वादों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि युवाओं का सरकार पर भरोसा तभी मजबूत होगा, जब दिए गए आश्वासनों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

तस्वीरें साझा कर याद दिलाया समझौते का पल

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में वांगचुक ने अनशन समाप्त कराने के दौरान की तस्वीरें भी साझा कीं। इन तस्वीरों में केंद्रीय मंत्री उनके साथ दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार और उनके बीच हुए समझौते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया था और अब उन वादों को निभाया जाना चाहिए।

सरकार से क्या है उनकी मांग?

वांगचुक ने कहा कि सरकार को अपने वादों को पूरा कर यह साबित करना चाहिए कि लोकतांत्रिक संवाद और लिखित आश्वासन केवल औपचारिकता नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार अपने वचनों का सम्मान करती है, तो इससे देश के युवाओं का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास और मजबूत होगा।

अनशन के बाद भी मुद्दा बना हुआ है चर्चा का विषय

सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और छात्रों की मांगों के समर्थन में किया था। अनशन समाप्त होने के बाद भी उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक टकराव का नहीं, बल्कि सरकार द्वारा किए गए वादों के पालन को सुनिश्चित करना है। अब उनके ताजा आरोपों के बाद इस पूरे घटनाक्रम पर फिर से राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।