दिल्ली में योगी-शाह बैठक के बाद बढ़ीं अटकलें, यूपी में बदल सकते हैं समीकरण
New Delhi/Lucknow : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अचानक नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह बैठक दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुई, जो लगभग आधे घंटे चली। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात कर सकते हैं।
विभागों के बंटवारे पर चर्चा की अटकलें
सीएम योगी और अमित शाह की यह मुलाकात हाल ही में हुए यूपी कैबिनेट विस्तार के बाद सामने आई है। योगी सरकार में शामिल किए गए छह नए मंत्रियों और दो स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को अब तक विभाग आवंटित नहीं किए गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि विभागों के बंटवारे को लेकर शीर्ष नेतृत्व के साथ मंथन हुआ है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नए मंत्रियों के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन को साधते हुए विभागों का पुनर्गठन करना चाहते हैं। इसी को लेकर भाजपा नेतृत्व के साथ रणनीतिक चर्चा की जा रही है।
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी फोकस
राजनीतिक जानकार इस बैठक को 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीति को लेकर भी चर्चा संभव है। भाजपा नेतृत्व आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर नए समीकरण तैयार करने में जुटा है।
विभाग बंटवारे में क्यों हो रही देरी?
गौरतलब है कि बीते रविवार को यूपी सरकार में छह नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी, जबकि दो मंत्रियों का प्रमोशन कर उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया गया। हालांकि, शपथ के पांच दिन बाद भी विभागों का आवंटन नहीं हो सका है। सभी नए मंत्रियों को कार्यालय आवंटित किए जा चुके हैं, लेकिन विभाग तय न होने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
उत्तर प्रदेश में अब मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कुल 60 मंत्री हो गए हैं। माना जा रहा है कि विभागों के अंतिम बंटवारे में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
यूपी कैबिनेट में शामिल नए चेहरे
विस्तार में बताया गया कि भूपेन्द्र चौधरी की कैबिनेट मंत्री के रूप में वापसी हुई है, जबकि समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले मनोज पांडे भी कैबिनेट मंत्री के रूप में अपनी जगह पर मिले हैं।
इसके अलावा कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा, सुरेंद्र दिलेर और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया है। वहीं अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार का जिम्मा सौंपा गया है।
