कोलकाता के चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में भगदड़, कई घायल
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सप्तमी की शाम दुर्गापूजा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। चोरबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा पंडाल में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस घटना में कम से कम 15 लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, घायलों की कुल संख्या को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
तेज बारिश के बीच बिगड़े हालात
बताया जा रहा है कि घटना के समय कोलकाता में तेज बारिश हो रही थी। बारिश के बीच पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही थी। इसी दौरान वहां अफरा-तफरी मच गई और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण हादसा होने की आशंका है। वहीं, पंडाल के ढांचे को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पंडाल की लाइट बंद, घायलों को निकालने पर जोर
घटना के बाद पूजा पंडाल की रोशनी बंद कर दी गई और बाहर निकलने के रास्तों को भी बंद कर दिया गया। मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने पर प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस और दमकलकर्मियों के घटनास्थल पर पहुंचने की भी जानकारी दी गई है।
पूजा आयोजन से जुड़े विकास दास ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसा किस वजह से हुआ। उनकी प्राथमिकता घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि भीड़ के दबाव में लोग कुचले गए या किसी अन्य कारण से यह स्थिति बनी, इसकी जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
‘आर्ब’ थीम पर तैयार किया गया था पंडाल
चोरबागान सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति ने इस वर्ष अपने पूजा पंडाल की थीम ‘आर्ब’ रखी थी। इसका अंग्रेजी भावार्थ ‘ध्वनि से परे’ बताया गया है। इस अवधारणा के जरिए ध्वनि की परिचित सीमाओं से आगे बढ़कर मौन की गहराई को दर्शाने का प्रयास किया गया था। पंडाल को 360 डिग्री की अवधारणा के आधार पर तैयार किया गया था।
फिलहाल हादसे के कारणों और घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है
