सिरप गैंग पर STF का शिकंजा: सरगना शुभम का करीबी अमित टाटा लखनऊ से गिरफ्तार
लखनऊ I उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए लखनऊ से अमित सिंह टाटा को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, एक फॉर्च्यूनर कार (नंबर UP-65 FN 9777), आधार कार्ड, 4500 रुपये नकद और कई डिजिटल दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पूछताछ में अमित सिंह टाटा ने सनसनीखेज खुलासे किए। उसने बताया कि आजमगढ़ निवासी विकास सिंह के माध्यम से उसका संपर्क वाराणसी के शुभम जायसवाल (पिता- भोला प्रसाद, पता- कायस्थ टोला, प्रह्लाद घाट) से हुआ था। शुभम जायसवाल रांची (झारखंड) में शैली ट्रेडर्स के नाम से फेंसेडिल कफ सिरप का बड़ा कारोबार चलाता था। नशे की भारी डिमांड को देखते हुए पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक सिरप की तस्करी की जाती थी।
लालच में आए अमित सिंह ने जनवरी 2024 में धनबाद (झारखंड) में अपने नाम से ‘देवकृपा मेडिकल एजेंसी’ खुलवाई और इसमें 5 लाख रुपये निवेश किए। बदले में उसे 20-22 लाख रुपये का मुनाफा दिया गया। इसके बाद बनारस में भी उसके नाम से ‘श्री मेडिकल’ नाम की फर्म खोली गई और ड्रग लाइसेंस लिया गया। दोनों फर्मों का पूरा लेन-देन शुभम जायसवाल, उसके पार्टनर और उनके सीए देखते थे। सारा कारोबार कैश में होता था। बनारस की फर्म से भी अमित को करीब 8 लाख रुपये का लाभ मिला, जो वह अपनी पत्नी साक्षी सिंह के खाते में जमा करवाता था।
आरोपी ने बताया कि शुभम जायसवाल और उसके पार्टनर्स (वरुण सिंह, गौरव जायसवाल सहित) ने एबॉट कंपनी के अधिकारियों से सांठगांठ कर 100 करोड़ रुपये से अधिक की फेंसेडिल कफ सिरप खरीदी। इसमें से अधिकांश माल फर्जी बिल, ई-वे बिल बनाकर तस्करों को बेच दिया गया। कई अन्य लोगों के नाम पर भी इसी तरह फर्जी फर्में खोलकर यह धंधा चलाया जा रहा था।
रांची और गाजियाबाद में पुलिस-एसटीएफ की कार्रवाई में गैंग के सदस्य सौरभ त्यागी, विभोर राणा आदि के गिरफ्तार होने के बाद मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल अपने परिवार और पार्टनर्स के साथ दुबई भाग गया। वह अभी फेसटाइम ऐप से संपर्क में है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी रोकने के लिए एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त जांच समिति गठित की थी, जिसके तहत यह कार्रवाई हुई। पुलिस अब शुभम जायसवाल सहित बाकी फरार आरोपियों की तलाश और एबॉट कंपनी के संलिप्त अधिकारियों की जांच तेज कर दी है।
